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Ambala News: एक माह से नारकीय जीवन जी रहे बुजुर्ग दंपती काे किया रेस्क्यू

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संस्था के सदस्य बुजुर्ग को रेस्क्यू कर ले जाते हुए। संस्था
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- कमरे में था गंदगी और बदबू का आलम, संतान न होने के कारण नहीं था कोई देखभाल करने वाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। रिश्तों और सामाजिक संवेदनशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाने वाला एक मामला सामने आया है। यहां करीब एक महीने से किराए के मकान में दयनीय और अमानवीय परिस्थितियों में रह रहे एक बुजुर्ग दंपती को 14 जुलाई की देर रात सुरक्षित निकाला गया। यह घटना सामाजिक सरोकारों पर गंभीर सवाल उठाती है। दुर्गा नगर की स्थानीय टीम को 12 जुलाई को सूचना मिली थी। एक बुजुर्ग दंपती किराए के कमरे में नारकीय हालात में रह रहा था। सूचना पर डायल-112 और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। मंजर देखकर हर कोई हैरान रह गया।
बुजुर्ग की पहचान रेलवे रोड निवासी सर्वेश कुमार के रूप में हुई। सर्वेश कुमार चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हो चुके थे। उनकी पत्नी दृष्टिबाधित हैं। उचित देखभाल और भोजन के अभाव में दोनों कई दिनों से गंदगी और बदबू के बीच तड़प रहे थे। दंपती की कोई संतान नहीं थी। वे पहले दिहाड़ी मजदूरी कर गुजारा चलाते थे, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ उनकी परेशानी बढ़ती गई।
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मंजर देख लोग हुए हैरान
12 जुलाई को दुर्गा नगर की स्थानीय टीम को बुजुर्ग दंपती के बारे में जानकारी मिली। सूचना के आधार पर डायल-112 और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके का मुआयना किया। कमरे के अंदर का मंजर देखकर पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए। बुजुर्ग दंपती करीब एक महीने से नारकीय और अमानवीय परिस्थितियों में जीवन बिता रहा था।
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सामाजिक संस्था बनी सहारा
जानकारी मिलने के बाद प्रशासन के साथ-साथ बुजुर्गों के परिजन भी हरकत में आए। आनन-फानन कमरे की सफाई कराई गई। इसके बाद सामाजिक संस्था नी आसरा दा आसरा की टीम 14 जुलाई की देर रात मौके पर पहुंची। टीम ने दोनों बुजुर्गों को सुरक्षित निकाला और अपने साथ ले गई। अब संस्था द्वारा उनकी उचित देखभाल और इलाज की व्यवस्था की गई है।

संस्था के सदस्य बुजुर्ग को रेस्क्यू कर ले जाते हुए। संस्था

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