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Ambala News: सूरजमुखी की बोरियां पहुंचने मामले में आठ फर्म रडार पर, सेल टैक्स विभाग से रिकॉर्ड मांगा

Thu, 03 Jul 2025 06:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
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अंबाला सिटी। अनाज मंडी में बिकी हुई सूरजमुखी की बोरियां पहुंचने के मामले में आठ फर्म रडार पर आ गई हैं। अनाज मंडी में सूरजमुखी की खरीद मामले की शुरुआती जांच में कई खामियां पाई गई हैं। इस बात की पुष्टि मामले की जांच कर रहे एसडीएम दर्शन कुमार ने की।
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उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। एसडीएम ने बताया कि शुरुआती जांच में अनाज मंडी की 8 फर्म शक के घेरे में हैं। जिन्होंने 1200 से 1300 क्विंटल से अधिक खरीद की। यह कुल खरीद की 50 प्रतिशत से अधिक है। इनकी जांच के लिए ही पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच के लिए लिखा गया है। बीते मंगलवार को इस मामले में ही हैफेड विभाग ने कार्रवाई करते हुए हैफेड की मैनेजर रीतू बाला व मैनेजर विजय ढिल्लों को निलंबित किया था।

जांच कमेटी ने फर्मों के रिकॉर्ड सेल टैक्स विभाग से भी मांगे
जांच कर रहे एसडीएम दर्शन कुमार ने बताया कि इस मामले में अनियमितताएं सामने आई तो हैफेड को भी मामले की जांच के निर्देश दिए गए। जिसके बाद खामियां मिलने पर हैफेड के दो मैनेजर सस्पेंड कर दिए गए। एसडीएम ने बताया कि जांच की शुरुआत में मौके पर मिली सूरजमुखी की फसल जिन बोरियों में भरी हुई थी वह 2024-25 की थी और जब उनका वजन किया गया तो बोरियों का वजन सरकारी खरीद एजेंसी के वजन के बराबर पाया गया।
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जिसके बाद प्रशासन का शक गहराया कि आखिर ट्रक में यह सूरजमुखी कहां से लाई गई। इस जांच के दौरान अनाज मंडी में 8 फर्म ऐसी पाई गई हैं, जिन्होंने 1200-1300 क्विंटल से अधिक सूरजमुखी की खरीद की, जोकि मंडी की कुल खरीद का 50 प्रतिशत से अधिक है। वहीं, प्रशासन को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल में भी मिलीभगत का शक है। एसडीएम ने बताया कि अब इन फर्मों के रिकॉर्ड सेल टैक्स विभाग से भी मांगे गए हैं। वहीं, पुलिस को एफआईआर दर्ज कर मामले को कानूनी तौर पर गहनता से जांच के लिए भी लिखा गया है।
यह था पूरा मामला
सिटी अनाजमंडी में 29 जून को बिना गेट पास के दो ट्रक सूरजमुखी की बोरियों सहित दाखिल हो गए थे। बावजूद मार्केट कमेटी के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी थी। जब मामले की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो मार्केट कमेटी सचिव सहित अन्य अधिकारी हरकत में आए थे। तब तक एक ट्रक की बोरियां उतर गई थी। बाद में मार्केट कमेटी के अधिकारी ने काम बंद करवा दिया था। इसके साथ ही मंडी में हैफेड की ओर से भी कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। ट्रक में जो बोरियां थी, उन पर हैफेड की खरीद के बाद लगने वाली मोहर लगी हुई थी। इस मामले ने मंडी में खरीद पर सवाल खड़े किए थे। वहीं, इस मामले की जांच एसडीएम दर्शन कुमार कर रहे हैं।
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