अंबाला सिटी। मौजूदा वित्त वर्ष समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में सभी विभागों ने अपने बकाया बजट खर्च करने और बिलों को पास कराने की कवायद शुरू कर दी है। जिला कोषागार की ओर से भी कार्रवाई शुरू हो गई है।
वित्तीय वर्ष में अगर विभिन्न विभागों के खर्चों को देखें तो सभी में सबसे अधिक खर्चा शिक्षा विभाग द्वारा किया गया है। इसके बाद पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग के खर्चे सामने आ रहे हैं। इसमें शिक्षा विभाग ने कुल 300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। हालांकि अभी भी कोषागार के पास अभी तक विभाग के बिल आ रहे हैं। वहीं, पेंशन में भी एक बड़ा हिस्सा कोषागार से खर्च किया जा रहा है।
अवकाश के दिन खुलेंगी बैंक शाखाएं और कोषागार
जिला कोषाधिकारी सुनीता शर्मा ने बताया कि बकाया बिलों और निधि के भुगतान को लेकर जिला कोषागार 30 और 31 मार्च को अवकाश के दिन भी खुला रहेगा। इससे विभिन्न विभागों के अधिकारी अपने बकाया बिलों का पास कराने का काम कर सकें। इसके साथ ही जिले के मुख्य बैंकों को भी शनिवार और रविवार को भी खुला रहने के लिए निर्देश दिए हैं।
इसमें अंबाला शहर, अंबाला छावनी, नारायणगढ़, मुलाना और बराड़ा की मुख्य शाखाएं शामिल हैं। मुलाना में आईडीबीआई और बाकी सभी क्षेत्रों में एसबीआई बैंकों की शाखाएं नियमित कार्य करेंगी। वहीं कोषागार कार्यालय में भी अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। 31 मार्च रात 12 बजे तक कोषागार कार्यालय में कर्मचारी मौजूद रहेंगे। विभाग की ओर से 31 मार्च तक मंत्रियों की ग्रांट को छोड़कर सभी प्रकार के बिलों और निधि को मंजूरी दी जाएगी। इसके साथ ही जिले में चल रहे विकास कार्याें का भुगतान भी किया जाएगा।
किस विभाग ने कितना किया खर्चा
सिचाई विभाग - 21 करोड़ 50 लाख रुपये
शिक्षा विभाग - 300 करोड़ रुपये
पेंशन- चार अरब रुपये
पुलिस विभाग- 314 करोड़ रुपये
राजस्व विभाग - 118 करोड़ रुपये
समाज कल्याण विभाग - 37 करोड़ रुपये
शिवालिक बोर्ड- 621 लाख रुपये
तकनीकी शिक्षा- 25 करोड़ रुपये
कृषि विभाग- 25 करोड़ 10 लाख रुपये
जेल विभाग - 19 करोड़ 66 लाख रुपये
डी प्लान- एक करोड़ रुपये
खेल एवं युवा विभाग- पांच करोड़ 50 लाख रुपये
मुख्यमंत्री घोषणाओं- नौ करोड़ 21 लाख रुपये
परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग- 137 करोड़ रुपये
विजिलेंस विभाग- चार करोड़ रुपये
उद्योग और नापतोल विभाग- छह करोड़ रुपये