अंबाला सिटी। शिक्षा निदेशालय ने अभी तक निजी स्कूलों के लिए फार्म-छह को लेकर निर्देश जारी नहीं किए। इस फार्म के लिए हर वर्ष आवेदन 31 दिसंबर तक लिए जाते थे। इस बार यह आवेदन अभी तक नहीं मांगे गए। ऐसे में निजी स्कूल अपनी मनमर्जी से नए सत्र में फीस बढ़ाएंगे। अभिभावकों के सामने यह परेशानी तब सामने आती है, जब नए सत्र में दाखिले शुरू होते हैं और निजी स्कूल अपनी मर्जी से फीस वसूलते हैं।
जिले की बात करें तो 285 से ज्यादा निजी स्कूल चल रहे हैं। इनमें पहली से 12वीं तक के निजी स्कूल शामिल हैं।
फार्म-छह में स्कूल को फीस का देना होता है ब्यौरा
दरअसल, निजी स्कूल हर वर्ष फीस बढ़ाते हैं। फीस बढ़ाने के लिए निजी स्कूलों को शिक्षा विभाग की ओर से जारी किया जाने वाले फार्म-छह भरना होता है। अगर कोई स्कूल फार्म-छह नहीं भरता और वह नए सत्र में फीस बढ़ाता है तो उस पर विभाग कार्यवाही कर सकता है। ऐसे में हर वर्ष विभाग की ओर से फार्म-छह के तहत ऑनलाइन आवेदन मांगे जाते हैं।
इसमें स्कूलों को फीस बढ़ाने संबंधित ब्यौरा देना होता है कि वह अपनी स्कूल में फीस क्यों बढ़ाएंगे और विद्यार्थियों को क्या सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही स्कूल स्टाफ से लेकर सुविधाओं व वेतन संबंधित ब्यौरा भी भरना होता है।
स्कूल आठ से दस प्रतिशत ही बढ़ाते हैं फीस
हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस के प्रदेश प्रवक्ता सौरभ कपूर का कहना है कि निजी स्कूल हर वर्ष आठ से दस प्रतिशत तक ही फीस बढ़ाते हैं। यह फीस मौजूदा वर्ष में महंगाई भत्ता इंडेक्स के साथ 5 प्रतिशत को जोड़कर ही बढ़ा सकते हैं।
अगर कोई स्कूल फार्म-छह नहीं भरता तो वह नए सत्र में फीस नहीं बढ़ा सकता, यह फार्म निजी स्कूलों में फीस बढ़ाने के लिए अनिवार्य है। फार्म-छह को लेकर आवेदन इस माह के आखिरी तक मांगे जाएंगे।
वर्जन
हर वर्ष शिक्षा निदेशालय की ओर से ही फार्म-छह को लेकर ऑनलाइन आवेदन मांगे जाते हैं। जैसे ही निदेशालय की ओर से निर्देश जारी किए जाएंगे तो जिले के निजी स्कूलों को फार्म-छह भरने के लिए कहा जाएगा।
सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला।