स्कूलों में चल रही हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं अब खुद बोर्ड ही चेक करवाएगा।
बोर्ड ने परीक्षाएं शुरू होते ही अपने पूर्व आदेशों को वापस ले लिया है, जिसमें कहा गया था कि छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं उसी स्कूल के शिक्षक ही चेक करेंगेे, जिसमें परीक्षाएं हो रही हैं।
बोर्ड के इतिहास में इस बार ऐसा पहली बार हुआ है, जब बोर्ड की परीक्षाएं खुद छात्रों के होम स्कूल में ही हो रही है, उसके स्कूल के शिक्षक ही इसे कंडक्ट करवा रहे हैं और उन्हीं शिक्षकों को उत्तर पुस्किताएं चेक करनी थी।
मगर अब बोर्ड के नए फरमान ने होम स्कूल के शिक्षकों द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन करने संबंधी आदेश को रद्द कर दिया है।
मूल्यांकन केंद्र बनाने के निर्देश
हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अंबाला समेत सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को कहा कि जल्द से जल्द हर खंड में एक पेपर चेकिंग सेंटर बनाया जाए।
स्कूलों में एग्जाम खत्म होने के बाद तुरंत एक टीचर की ड्यूटी लगाई जाए कि वे उत्तर पुस्तिकाएं उसी दिन पेपर मार्किंग सेंटर में सीलबंद कर जमा करवाकर आएं।
बस किराया भी देगा बोर्ड
स्कूलों में पेपर खत्म होने के बाद जो भी टीचर उत्तर पुस्तिकाओं को पैक करके उसे सील करने के बाद पेपर मार्किंग सेंटर पर पहुंचाकर आएगा, उसे इस विजिट का 20 रुपये मिलेगा।
यदि सेंटर दूर है और लोकल बस की सुविधा लेनी पड़ रही है तो, 20 रुपये के अलावा बोर्ड टीचर को बस किराया भी देगा। इसके अतिरिक्त उत्तर पुस्तिकाओं को पैकिंग करने व सील लगाने का खर्च भी बिल बोर्ड को भेजने पर बोर्ड ही अदा करेगा।
रिजल्ट अव्वल करनी की है मंशा
बोर्ड ने परीक्षाओं के दौरान इतिहास में वो किया, जो अब से पहले नहीं हुआ। पहले बोर्ड परीक्षाओं के लिए छात्रों के दूसरे स्कूलों को सेंटर बनाया जाता था, वहां छात्र देकर पेपर देते थे, पेपर देने वाला स्टाफ भी नया होता था।
लेकिन अब बच्चा बोर्ड की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं अपने ही होम स्कूल में ही देगा, उनके स्कूल के टीचर ही परीक्षा लेंगे और एसेस्मेंट भी लगाएंगें। पहले तो उत्तर पुस्तिकाओं की चेकिंग भी इन्हीं शिक्षकों ने करनी थी, मगर अब नहीं।