अंबाला। आईटीआई में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने बढ़ती बेरोजगारी की समस्या को देखते हुए आईटीआई संस्थानों में अपनी पूरी ताकत झोक दी है। क्योंकि सरकार को पता है कि केवल कौशल विकसित करके ही बेरोजगारी को खत्म किया जा सकता है। इसीलिए अब सरकार ने नई पहल करते हुए होटलों की तरह इसी सत्र से प्रदेशभर की सभी आईटीआई को स्टार रेटिंग देने की पहल की है।
हालांकि सरकार ने पिछले सत्र में भी स्टार रेटिंग का कांसेप्ट शुरू किया था लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाया। लेकिन इस बार सत्र की शुरूआत में भी सरकार ने इसके लिए कमर कस ली है। बाकायदा इसके लिए 9 सितंबर को सरकार स्टार रेटिंग पोर्टल लांच करेगी। इससे विद्यार्थियों को भी पता चल सकेगा कि वह जिस आईटीआई में दाखिला लेना चाहते हैं या ले रहे हैं उसकी रेटिंग क्या है।
कुल 81 हजार 176 सीटों पर होने हैं दाखिले
प्रदेशभर की बात करें तो इस बार प्रदेश में 139 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सह-शिक्षण संस्थान हैं जहां लड़के और लड़कियां एक साथ ट्रेनिंग ले रहे हैं। इसके अलावा 33 महिला राजकीय संस्थान हैं। इसी तरह 201 निजी सह शिक्षण और 4 निजी वूमन संस्थान हैं। इस तरह कुल 377 सरकारी और निजी आईटीआई में 76 ट्रेड में 81176 सीटों पर इस सत्र में दाखिले किए जाने हैं। बता दें कि इनमें से अंबाला शहर की आईटीआई में ही 30 ट्रेड कवर होती हैं। जिले की बात करें तो पूरे जिले में 40 से ज्यादा ट्रेड कवर हो जाती हैं।
स्टार रेटिंग को तीन हिस्सों में किया गया है विभाजित
1. कैरियर एडवांस रेटिंग
2. इंडस्ट्री एक्सपोजर रेटिंग
3. क्वालिटी आफ ट्रेनिंग
क्या रहेगा रेटिंग का पैमाना
आईटीआई से कितनों को नौकरी मिली, इंस्ट्रक्टर संस्थान में कितने हैं, मशीनरी की उपलब्धता, कौशल विकसित करने के लिए करवाई गई प्रतियोगिताएं, कितने प्रशिक्षु ड्यूल ट्रेनिंग में गए, ड्यूल सिस्टम ट्रेनिंग के तहत कितने प्रशिक्षु को प्लेसमेंट मिली, कितने उद्योगों ने वर्कशॉप को स्पॉट किया और कितने उद्योगों ने मशीनरी को, कर्मचारियों का वेतन, सेल्फ एंपलायमेंट कितनों ने स्थापित किया, अप्ररेंटिसशिप और हायर एजुकेशन कितनों ने लिया यह सभी स्टार रेटिंग के लिए शर्तें हैं। बता दें कि जिले में इस समय सबसे ज्यादा 12 उद्योगों से अंबाला शहर की आईटीआई ने एमओयू साइन किया है। इसके अलावा होंडा और सुजूकी ने अपने वाहन भी संस्थान को दिए हैं। गत वर्ष इसी आईटीआई में सबसे ज्यादा अप्ररेंटिस भी लगे थे।
क्या होगा स्टार रेटिंग से लाभ
स्टार रेटिंग के लिए खुद संस्थानों के मुखिया जवाबदेह होंगे। जिस संस्थान की अच्छी परर्फोमेंस होगी उसे अच्छे स्टार मिलेंगे जबकि खराब वाले को खराब रेटिंग। ऐसे में खराब रेटिंग वाले संस्थानों के मुखिया पर भी विभाग आसानी से शिकंजा कस सकेगा। ऐसे में अब हर संस्थान के मुखिया की जवाबदेही सीधे तौर पर फिक्स हो जाएगी और प्रशिक्षुओं का भविष्य उज्ज्वल हो सकेगा।
यह सही है कि अब सभी आईटीआई को स्टार रेटिंग मिलेगी। 9 को इसी मामले में पोर्टल भी सरकार लांच कर रही है। निश्चित तौर पर इससे प्रशिक्षुओं को लाभ मिलेगा। निश्चित तौर पर सरकार अब केवल एजुकेशन ही नहीं बल्कि रोजगारन्नमुख शिक्षा के लिए प्रयासरत है ताकि कोर्स पूरा करने पर प्रशिक्षु अपने पांव पर खड़ा हो सके।
-भूपेंद्र सिंह सांगवान, प्रिंसिपल राजकीय आईटीआई अंबाला शहर।