अंबाला। रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों के लिए जिस प्रकार से सुविधाओं में बढ़ोतरी की जा रही है। उन सुविधाओं पर अब धीरे-धीरे ग्रहण लगना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों के लिए शुरू की गई गोल्फ कार्ट (छोटी गाड़ी) की गई सुविधा बंद हो चुकी है, वहीं ठेके पर दिए अमानती घर पर भी ताला लटक गया है।
ऐसे में अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर एक बार सुविधाएं कम होने लगी हैं। इसका असर यात्रियों पर नजर आ रहा है। दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों को व्हील चेयर की मदद से कुली ट्रेन से चढ़ा व उतार रहे हैं। इसके लिए उन्हें शुल्क अदा करना पड़ रहा है। वहीं सामान रखने के लिए भी पार्सल कार्यालय में अब पुरानी व्यवस्था शुरु की गई है। इसके तहत सामान रखने के लिए प्रति घंटे का शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है।
लिफ्ट और एस्कलेटर भी रहते हैं बंद
रेलवे स्टेशन पर दूसरी बड़ी समस्या लिफ्ट और एस्कलेटर को लेकर है जोकि कभी भी चलते-चलते बंद हो जाते हैं। इस कारण पूर्व में कई हादसे भी हो चुके हैं। वहीं एक्स के माध्यम से भी दो दिन पहले यात्री ने लिफ्ट के संबंध में शिकायत रेल मंत्री सहित डीआरएम को भेजी थी। हालांकि इन दोनों समस्याओं के समाधान को लेकर संबंधित विभाग के कर्मचारी हमेशा मौके पर पहुंचकर समस्या समाधान की कोशिश करते हैं।
रोजाना सफर करते हैं हजारों यात्री
मौजूदा समय में लगभग 30 हजार यात्री अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से ट्रेनों के माध्यम से आवागमन कर रहे हैं। वहीं ट्रेनों की संख्या भी 250 से अधिक है। ऐसे में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यात्री काफी परेशान है। हालांकि इस संबंध में मौखिक तौर पर भी कई बार शिकायतें स्टेशन अधीक्षक को भी दी गई हैं। बावजूद इसके उक्त दोनों समस्याओं के समाधान को लेकर अभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
वर्जन
गोल्फ कार्ट की सुविधा स्टेशन पर शुरु की गई थी जोकि यात्रियों के कम रुझान के कारण बंद हो गई। वहीं पार्सल कार्यालय में प्राइवेट ठेके पर दिया गए अमानती घर भी कम सामान के चक्कर में बंद हो गया। इन दोनों सुविधाओं को लेकर नए सिरे से निविदा जारी की जा रही है ताकि स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के परिसर में कबाड़ में पड़ी गोल्फ कार्ट। संवाद