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Ambala News: टीबी मरीजों के लिए डिजिटल कवच बना ई-संगिनी एप, एआई चैटबॉट देगा जवाब

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अंबाला में स्वास्थ्य विभाग की टीबी मुक्त जागरूकता गाड़ी: संवाद
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अंबाला। टीबी के खिलाफ जंग में स्वास्थ्य विभाग ने तकनीक का एक बड़ा हथियार तैयार किया है। अब टीबी मरीजों, विशेषकर एमडीआर यानी मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस के मामलों को रोकने के लिए ई-संगिनी एप लांच किया गया है। यह एप मरीजों के लिए एक डिजिटल केयरटेकर की तरह करेगा जो दवा के समय से लेकर बीमारी से जुड़ी हर शंका का समाधान करेगा। जिले की बात करें तो मौजूदा समय में टीबी के कुल 1260 मरीज एक्टिव है। अभी केवल स्टाफ इस एप का इस्तेमाल कर रहा है। शुक्रवार से अस्पताल की ओपीडी में आने वाले हर मरीज को एप के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा।
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दवा छूटने का झंझट खत्म, समय पर बजेगा अलार्म
अंबाला की जिला टीबी अधिकारी डॉ. सीमा ने बताया कि टीबी के इलाज में सबसे बड़ी चुनौती दवा का नियमित सेवन है। अक्सर मरीज दवा लेना भूल जाते हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है और एमडीआर टीबी का खतरा बढ़ जाता है। ई-संगिनी एप में मरीज की जानकारी दर्ज होते ही इसमें दवा के लिए अलार्म सेट हो जाएगा। जैसे ही दवा का समय होगा, एप मरीज को अलर्ट कर देगा इसके साथ ही एप यह भी बताएगा कि कौन सी दवा किस समय लेनी है।

एआई चैटबॉट से मरीज कर सकेंगे सीधी बात
एप केवल मरीजों के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के लिए भी मददगार साबित होगा। इस एप की खासियत यह है कि इसमें एआई चैटबॉट है। यदि मरीज को बीमारी, खानपान या लक्षणों से जुड़ी कोई भी जानकारी चाहिए तो वह चैटबॉट के जरिए तुरंत जवाब हासिल कर सकेगा। इसके लिए उसे अस्पताल जाने या डॉक्टर का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मरीजों को किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना होगा। इसमें मरीजों की कुल संख्या का रीयल-टाइम डेटा उपलब्ध रहेगा, मरीजों को दी जाने वाली किट वितरण की पूरी जानकारी दर्ज होगी। स्वास्थ्य विभाग यह ट्रैक कर सकेगा कि मरीज नियमित दवा ले रहा है या नहीं।
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एमडीआर के मामलों पर लगेगी लगाम
विशेषज्ञों का मानना है कि टीबी का कोर्स बीच में छोड़ने या अनियमित दवा लेने से मरीज एमडीआर की श्रेणी में आ जाता है, जिसका इलाज काफी कठिन और लंबा होता है। ई-संगिनी एप यह सुनिश्चित करेगा कि मरीज का इलाज बीच में न छूटे, जिससे जिले में एमडीआर के मामलों में भारी कमी आने की उम्मीद है।

ई-संगिनी एप टीबी उन्मूलन की दिशा में बेहतरीन कदम है। यह मरीजों को जागरूक करने के साथ-साथ उनके इलाज की निगरानी में भी सहायक होगा। ओपीडी में आने वाले हर मरीज को इसके बारे में जानकारी देकर मोबाइल में एप डाउनलोड करवाया जाएगा।
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- डॉ. सीमा, जिला टीबी अधिकारी, अंबाला
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