पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अब कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को राहत मिलेगी।
धरातल पर उतारने की कवायद शुरू
बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) ने प्रदूषण को नियंत्रित करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इस योजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने को कहा है, ताकि क्षेत्र के लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर सकें।
निजी एजेंसी को सौंपा जाएगा रखरखाव
अधिकारियों ने बताया कि इन स्टेशनों के बेहतर संचालन और रखरखाव का जिम्मा किसी निजी एजेंसी को सौंपा जाएगा। इसके लिए निविदा (टेंडर) प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार की जा रही है। एजेंसी का चयन पारदर्शी तरीके से किया जाएगा, ताकि वाहन चालकों को निर्बाध सेवा मिल सके।
जगह चिह्नित करने का काम तेज
फिलहाल बोर्ड की ओर से जगह निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन प्रमुख स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है और ई-चार्जिंग की सुविधा से आम जनता को सबसे अधिक लाभ मिल सके। जल्द ही चयनित स्थानों की सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी।
पर्यावरण के लिए संजीवनी
पर्यावरण संरक्षक कमल कांत ने बताया कि छावनी क्षेत्र में ई-चार्जिंग बुनियादी ढांचा विकसित होने से न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी बल्कि यह क्षेत्र के निवासियों को प्रदूषण मुक्त भविष्य की ओर प्रेरित करेगा।
पर्यावरण संरक्षण के लिए ई-चार्जिंग स्टेशन की योजना तैयार की गई है। आने वाले समय में ई-वाहनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, इसलिए अभी से ही बोर्ड इसकी तैयारी में जुट गया है ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह सुविधा नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध करवाई जाएगी। - राहुल आनंद शर्मा, सीईओ, कैंटोनमेंट बोर्ड,अंबाला।