- नगर परिषद सचिव से मिले शिक्षक, बोले- समस्या का कराइए समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जनगणना कार्य ने शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डिजिटल इंडिया के दौर में एप के जरिए जनगणना का काम तो शुरू कर दिया गया है लेकिन धरातल पर शिक्षकों के पास न तो एंड्रायड फोन हैं और न ही सटीक नक्शे। मंगलवार को शिक्षक अपनी समस्याओं को लेकर नगर परिषद के सचिव से मिले और जानकारी दी। शिक्षकों का कहना है कि संसाधनों के अभाव में उन पर काम का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव राजेश कुमार और जिला प्रवक्ता अमित छाबड़ा ने बताया कि विभाग ने एक प्रगणक के लिए 150 घरों का मानक तय किया था, लेकिन कई शिक्षकों को 300 से 400 घर आवंटित कर दिए गए हैं। कई शिक्षकों के पास एंड्रायड फोन तक नहीं है। इससे एप चलाने में दिक्कत आ रही है। समस्या की जानकारी संबंधित विभाग को भेज दी गई है, ताकि तकनीकी अड़चनों को दूर किया जा सके।
दूरी और समय पर असमंजस
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि युक्तिकरण के दावों के उलट उनकी ड्यूटी कार्यस्थल से 15 से 20 किलोमीटर दूर लगा दी गई है। उनका स्कूल कहीं और है और ड्यूटी कहीं और। ऐसे में नए क्षेत्र में जाकर जनगणना करना बेहद मुश्किल हो रहा है। वहीं, शिक्षा विभाग ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह कार्य स्कूल समय के दौरान करना है या उसके बाद। इस भ्रम की स्थिति के कारण शिक्षक मानसिक तनाव में हैं। कागजी नक्शों और जमीनी हकीकत में भी अंतर देखने को मिल रहा है। शिक्षकों का कहना है कि नक्शे के आधार पर घर ढूंढना मुश्किल हो रहा है। कई जगहों पर खाली प्लॉट पड़े हैं तो कहीं मकान खाली हैं, लेकिन रिकॉर्ड में उन्हें अपडेट करने में समस्या आ रही है।
बीमार महिला कर्मचारियों ने मांगी राहत
जनगणना ड्यूटी में लगी कुछ महिला कर्मचारियों ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए ड्यूटी काटने की गुहार लगाई है। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त इन कर्मचारियों का कहना है कि फील्ड में जाकर लंबी दूरी तय करना उनके लिए संभव नहीं है।
जनगणना ड्यूटी में लगे कुछ शिक्षकों ने समस्याओं की जानकारी दी है जोकि संबंधित विभाग के साथ साझा की गई है। उम्मीद है कि जल्द समाधान हो जाएगा।
- गुलशन, सचिव, नगर परिषद सदर,अंबाला