कलायत। माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। पंचाग के अनुसार इस साल माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 19 जनवरी से हो रही है और समापन 27 जनवरी को होगा। इस गुप्त नवरात्र की शुरुआत और समापन सर्वार्थसिद्धि योग के महासंयोग में होगी। समापन के दिन 27 जनवरी को सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रवि योग भी रहेगा। खास बात यह है कि इन नौ दिनों में वे शुभ और मांगलिक कार्य हो सकेंगे जो शुक्र अस्त होने के कारण नहीं हो पा रहे हैं। इन नौ दिनों में किए मांगलिक कार्य फलदायी भी रहेंगे। पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया की इन नौ दिन में 10 महाविद्याओं मां काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला की गुप्त रूप से पूजा की जाएगी। उन्होंने बताया की मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में देवी साधना किसी को बता कर नहीं की जाती है। इसलिए इन दिनों को नाम ही गुप्त दिया गया है. गुप्त नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक गुप्त अनुष्ठान किये जाते हैं। इन दिनों देवी दुर्गा के दस रूपों की पूजा की जाती है।
घटस्थापना (कलश स्थापना) का शुभ मुहूर्त
घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 7:14 से 10:46 बजे तक.
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 से 12:53 बजे तक
दो सर्वार्थ सिद्धि व चार रवियोग का संयोग
पंडित अनिरुद्ध गौतम ने बताया कि इस बार नवरात्र के नौ दिनों में दो सर्वार्थ सिद्धि योग है और चार रवि योग का संयोग बन रहा है। यह साधक और आराधकों के लिए विशेष महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस कालखंड में चूंकी सूर्य का उत्तरायण होता है जो शुभ मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।