संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सेना की कैंटीन में कार्यरत दो भाइयों की ओर से अपने ही परिचित के साथ व्यापार कराने और क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पीड़ित को अमेरिकन टूरिस्टर कंपनी का सीएंडएफ एजेंट बनाने का झांसा देकर बैंक लोन, क्रेडिट कार्ड बिल और अपनी निजी देनदारियां चुकवाईं।
इसके अलावा आरोपियों पर भारतीय सेना की कैंटीन से सब्सिडी वाला सामान फर्जी नामों से खरीदकर खुले बाजार में बेचने और सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगा है। कैंट थाना पुलिस ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त परिवाद के आधार पर आरोपी श्याम कुमार शर्मा और उसके भाई राम किशोर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
कैंट के टिंबर मार्केट निवासी शिकायतकर्ता अनुज धीर ने बताया कि आरोपी श्याम कुमार शर्मा सेना कैंटीन में अमेरिकन टूरिस्टर कंपनी का कर्मचारी है जबकि उसका भाई राम किशोर सेना कैंटीन में सफारी कंपनी में तैनात है। फरवरी 2024 में दोनों भाइयों ने उन्हें अमेरिकन टूरिस्टर का सीएंडएफ एजेंट बनवाने का लालच देकर झांसे में लिया।
टाटा कैपिटल से कराया लोन, भरीं सिर्फ 15 किस्तें
पीड़ित के अनुसार, मार्च से अगस्त 2024 के बीच आरोपी श्याम कुमार शर्मा ने उससे अपने क्रेडिट कार्ड के बिल भरवाए और लोन चुकता करवाए। आरोपी के कहने पर पीड़ित ने अपने नाम पर टाटा कैपिटल से 5,37,533 का लोन लिया। इसकी 12,612 प्रति माह की 60 किस्तें तय हुई थीं। आरोपी ने वादा किया था कि वह किस्तें समय पर जमा करेगा, लेकिन महज 15 किस्तें भरने के बाद उसने पैसे देना बंद कर दिया। वर्तमान में पीड़ित के लोन खाते में ब्याज मिलाकर करीब 6.80 लाख की देनदारी हो चुकी है।
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क्रेडिट कार्ड से खरीदी कैंटीन की सामग्री
शिकायत में आरोप है कि दूसरे आरोपी राम किशोर ने पर्सनल काम का बहाना बनाकर पीड़ित का एक्सिस बैंक का क्रेडिट कार्ड ले लिया। बाद में पता चला कि आरोपी ने कार्ड का इस्तेमाल कर आर्मी कैंटीनों से भारी मात्रा में किराना और अन्य सामान खरीदा। क्रेडिट स्कोर बचाने के लिए पीड़ित ने खुद भुगतान किया, लेकिन आरोपी ने 3 लाख की ठगी कर ली और पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकियां देने लगा।
सब्सिडी वाले सामान की कालाबाजारी का आरोप
पीड़ित अनुज धीर ने पुलिस को सौंपे शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया कि दोनों भाई एक बड़ा अवैध नेटवर्क चलाते हैं। वे अपनी पहचान और दूसरों के क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग कर सेना की कैंटीनों से रियायती दरों पर मिलने वाला सामान फर्जी नामों से खरीदते हैं और उसे खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाते हैं।
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दोनों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात 316(2) और धोखाधड़ी की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। कैंटीन घोटाले के आरोपों के संबंध में भी गहन जांच की जा रही है और संबंधित विभाग को विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।
- जसपाल सिंह, एएसआई, जांच अधिकारी।