संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी तहसील में जमाबंदी अपडेशन के कारण इंतकाल की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। इस कारण लोग तहसील के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इंतकाल न होने से न केवल जमीन की खरीद-फरोख्त पर असर पड़ा है, बल्कि बैंक ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में भी अड़चन आ रही है। छावनी तहसील में करीब 400 इंतकाल है जो लंबित हैं। तहसील में जमाबंदी अपडेशन का कार्य किया जा रहा है। इसलिए इंतकाल दर्ज होने में समय लग रहा है। इस प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- इंतकाल न होने से इन समस्याओं का करना पड़ रहा सामना
जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद भी सरकारी रिकॉर्ड में खरीदार का नाम नहीं चढ़ पा रहा। ऐसे में खरीदार आगे उस जमीन को बेचने में असमर्थ। मालिकाना हक स्पष्ट न होने के कारण बैंक प्रॉपर्टी पर लोन देने से साफ मना कर रहे हैं। इससे लोगों के निर्माण कार्य और व्यापारिक योजनाएं अटक गई हैं। यदि परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो गई है, तो उनके वारिसों के नाम जमीन हस्तांतरित नहीं हो पा रही।
केस एक
छावनी निवासी रामेश्वर ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु हुए दो साल हो चुके हैं। इसके बाद माता के नाम रजिस्ट्री भी हो चुकी है। लेकिन अभी तक इंतकाल नहीं हुआ जबकि वह तहसील के कई चक्कर लगा चुका है।
केस दो
महेश नगर निवासी करमबीर ने बताया कि उन्होंने पांच महीने पहले रजिस्ट्री करवाई थी। लेकिन इंतकाल अभी तक दर्ज नहीं हुआ है। पटवारी की तरफ से साइन रह गए हैं, जो करने है। वह दो बार तहसील के चक्कर काट चुका है।
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इंतकाल की निरंतर प्रक्रिया चल रही है। पहले एक हजार से ज्यादा इंतकाल लंबित थे, जिन्हें हम 400 पर ले आए हैं। इन्हें भी जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा।
-अशीष, नायब तहसीलदार, अंबाला छावनी।