संवाद न्यूज एजेंसी
साहा। केसरी गांव में पोकलेन मशीन द्वारा नाले की खुदाई के दौरान लोगों के घरों में काफी नुकसान पहुंचा है। इससे पीड़ित लोगों में भारी चिंता है कि बारिश में मकान गिर सकते हैं।
पीड़ितों का कहना है कि 25 मई को नाले की खुदाई की गई लोग पंचायत पर आरोप लगा रहे थे कि उन्हें सूचित करना चाहिए था, मगर अब पता चला है कि पंचायत ने खुद को बचाने के लिए नोटिस 30 मई को दिया है। जबकि सरपंच प्रतिनिधि का कहना है कि इससे पहले भी लोगों को एक नोटिस भेजा गया था। हालांकि लोग इस बात को नकार रहे हैं। बहरहाल इस सब के बीच केसरी गांव में जिन लोगों के घरों में दरारें आई हैं वह बाहर रहने को मजबूर हैं।
गांव केसरी निवासी जग्गा सिंह, सीताराम, नीताराम, ग्रामीण चौकीदार चांदराम, उषा रानी, रामप्यारी, पूजा रानी, आरती, रेखा, पूनम आदि ने बताया कि गांव में गंदे पानी का नाला बहुत पुराना है जो केसरी से होकर बजीदपुर, लंडा की तरफ निकलता है। इस नाले के दोनों तरफ लोग करीब 40 वर्षों से घर बनाकर रहे रहे हैं।
इन लोगों ने बताया कि मई महीने में ग्राम पंचायत की तरफ से उन्हें बिना कोई सूचना या नोटिस दिए पोकेलन मशीन से सफाई शुरू करवा दी गई जिससे उनके घरों में दरारें आ गई हैं। वह बहुत गरीब हैं और मेहनत से यह घर बनाए थे लेकिन एक ही झटके में उनके घरों को नुकसान पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि उनके घर बिलकुल तबाह होने के कगार पर हैं, यदि बारिश हुई तो उनके घर ढह जाएंगे और नाले में गिर जाएंगे।
गांव की रेखा रानी पत्नी जसबीर,आरती पत्नी तरसेम ने बताया कि उनके घरों में काफी नुकसान हुआ है और उन्हें घर गिरने का खतरा है। इसलिए वह अपने परिवार के साथ गांव के श्री गुरु रविदास मंदिर में रह रहे हैं। उन्हें अब भविष्य की भी चिंता सता रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है।
पोकलेन मशीन द्वारा नाले की सफाई के दौरान जग्गा सिंह, बलबीर सिंह, नीताराम, मलकीत सिंह, ग्रामीण चौकीदार चांदराम, सुरजीत सिंह, सुरजन, मलकीत, जसवीर जस्सी, राजेंद्र कुमार, हरबंस, नरेश कुमार, रेखा रानी, धर्मपाल , प्रकाश सिंह के घरों को नुकसान पहुंचा है। उनके घरों की नींव के पास लगी मिट्टी हट चुकी है और नींव साफ दिखाई देने लगी है और अगर बारिश आती है तो यह घर ढह जाने का खतरा है। वहीं, घरों में दरारें आ चुकी हैं, लैंटर में भी दरार है। जग्गा सिंह के घर की छत का लैंटर नाले की तरफ झुक गया है जो कभी भी गिर सकता है। इससे लोगों की जान माल का खतरा बना हुआ है।
गांव के सरपंच पति रूपिन्द्र का कहना है कि इस नाले की पैमाइश कराई गई थी, जिस पर दोनों तरफ लोगों द्वारा कब्जा किया गया है। बारिश के दिनों में गांव का जोहड़ भी ओवरफ्लो हो जाता है और इस नाले का पानी सड़कों पर आ जाता है, इसलिए बारिश से पहले इसकी सफाई कराई जा रही है। रूपिन्द्र ने कहा कि ग्रामीणों को नोटिस दिया गया था और उसके बाद ही कार्रवाई की गई है।
साहा की बीडीपीओ रूबल दीनदयाल से जब इस बारे में बात करने इनकार कर दिया। इसके बाद में इस मामले में उन्होंने ग्राम सचिव से बात करने को कहा। बीडीपीओ के सामने ही केसरी के ग्राम सचिव नीरज ने कहा कि ग्रामीणों ने पंचायती जमीन पर कब्जा किया हुआ है। वह इससे ज्यादा कुछ नहीं बता सकते हैं।