शनिवार को शहर के नागरिक अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। इस बच्ची जैसमीन को कुछ दिन पहले एक कुत्ते ने काटा था, जिसके बाद वे सिटी सिविल अस्पताल में उपचाराधीन थी। लेकिन अब इस बच्ची की मौत हो गई। उधर, बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर भी इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से शिकायत की है। मंत्री ने इस मामले में जांच करवाने की बात कही है। फिलहाल पंजोखरा पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से बच्ची का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया है। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले पंजोखरा निवासी कुलविंदर के एक बेटा और एक बेटी जैसमीन गांव के कुछ बच्चों के साथ खेल रहे थे। इस बीच उन्हें एक कुत्ते ने काट लिया। इन दोनों भाई बहनों के अलावा कई अन्य बच्चे भी उस कुत्ते का शिकार बने थे। इन बच्चों को अस्पताल से एंटी रैबिज के इंजेक्शन लगवाए जा रहे थे। जबकि मृतक बच्ची को तीन इंजेक्शन भी लग चुके थे।
बच्ची की मां कुसुम ने बताया कि शुक्रवार की देर शाम बच्ची को अचानक तेज बुखार की शिकायत हुई। बच्ची को लेकर वह पहले एक निजी डॉक्टर के पास गए। जहां उसे दवाई से कोई आराम नहीं आता देख बच्ची को पीएचसी ले गए। जहां से बच्ची को सिटी नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया। कुसुम के अनुसार यहां डॉक्टरों ने उसके कोई टेस्ट किए बिना उसे ग्लूकोज और एक इंजेक्शन लगा दिया। देर रात बच्ची की तबियत ज्यादा बिगड़ गई, लेकिन ने सुध नहीं ली। जिसके चलते शनिवार की बच्ची की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य महकमे का स्टाफ यदि इलाज में गंभीरता दिखाता तो उनकी बच्ची बच सकती थी। इस आरोप को लेकर बच्ची के पिता कुलविंदर, ताऊ जितेंद्र, चाचा रोहित और परिवार के अन्य लोग शनिवार स्वास्थ्य मंत्री के कैंट स्थित आवास पहुंचे और लिखित में शिकायत भी दी। परिजनों का कहना है कि मंत्री ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में पूरी जांच कराई जाएगी और जो भी कार्रवाई होगी वह की जाएगी। उधर, सीएमचओ डॉ. विनोद गुप्ता के अनुसार इस मामले की जांच करवाई जाएगी।