कोरोना ने मरीजों पर काउंटर अटैक शुरू कर दिया है। कोरोना वैक्सीनेशन करवाने वाले और पहले संक्रमित हो चुके मरीजों को भी कोरोना ने दोबारा से अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। पंखे-कूलर और एसी इसके वाहक बन गए हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि स्वास्थ्य विभाग के करीब 13 कर्मचारी अब कोरोना की चपेट में आए गए हैं। इनमें चार डॉक्टर भी शामिल हैं। इतना ही नहीं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी भी कोरोना संक्रमित हो गईं हैं। उन्हें कोरोना की वैक्सीन लग चुकी थी। 16 जनवरी को ही उन्हें पहला टीका लग गया था। इसके बाद इसी महीने करीब तीन दिन पहले उन्हें दूसरा टीका लग गया था। इसी तरह से करीब एक साल पहले संक्रमित पाया गया स्वास्थ्य विभाग का कर्मी अब फिर संक्रमित हो गया है। बताया जा रहा है कि इन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई थी। लगातार बढ़ रहे केस पर अंकुश लगाने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने 75 माइक्रो कंटेनमेंट जोन बना दिए हैं। पिछले छह माह बाद पहली बार यह कदम उठाया गया है।
सिविल सर्जन कार्यालय और नागरिक अस्पताल में पहुंचे पांच संक्रमित
लापरवाही इतनी बढ़ती जा रही है कि सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय में एक संक्रमित मरीज पहुंच गया। वह खुद को भर्ती करने की जिद कर रहा था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जब उससे पूरे मामले की जानकारी ली तो उनके होश उड़ गए। उसने बताया कि मैं संक्रमित हूं और मुझे भर्ती किया जाए। जब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उसे समझाया तो खुद को मीडिया कर्मी बताने लगा। इस पर अधिकारियों ने केस दर्ज करवाने की बात कही तब जाकर उसने हाथ पैर जोड़ पिंड छुड़वाया। झूठ बोलकर मीडिया कर्मी बताने पर भी माफी मांगी। वहीं, नागरिक अस्पताल अंबाला शहर में भी चार कोरोना संक्रमित पहुंच गए। यह अपनी रिपोर्ट लेने पहुंचे थे। इन्हें सख्त चेेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण अस्पताल पहुंच रहे संक्रमित
दरअसल जो मरीज कोरोना टेस्ट करवाते हैं उनके मोबाइल पर मैसेज में लिंक भेजा जाता है कि आप इस लिंक पर क्लिक कर अपनी रिपोर्ट डाउनलोड कर सकते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से तकनीकी दिक्कतों के कारण यह रिपोर्ट डाउनलोड नहीं हो रही थी। इसी कारण मरीज जिज्ञासा वश रिपोर्ट लेने अस्पताल पहुंच जाते हैं, जहां उन्हें पता चलता है कि हम कोरोना संक्रमित हैं। नियमानुसार कोरोना सैंपल देने के बाद रिपोर्ट की पुष्टि तक मरीज घर से बाहर नहीं निकल सकता।
कोरोना के लिए इस समय अनुकूल समय
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस समय कोरोना के लिए अनुकूल समय है। दिन में तापमान करीब 32-33 डिग्री चल रहा है। रात के समय तापमान लुढ़ककर 14 डिग्री तक पहुंच जाता है। अलबत्ता न तो लू पड़ रही है न ही ठंड। दिन में पंखे और कूलर के साथ एसी भी चलने लगे हैं। यह कोरोना के वाहक बन रहे हैं।
करीब 70 माइक्रो कंटनेमेंट जोन बना दिए गए हैं। जिलेवासियों को बचाते-बचाते खुद स्वास्थ्य विभाग के कर्मी भी संक्रमित हो गए हैं। पंखे, एससी की बात है तो निश्चित तौर पर यह कोरोना के वाहक हो सकते हैं। कुछ तकनीकी दिक्कतों के चलते रिपोर्ट लिंक से डाउनलोड नहीं हो पा रही थी, लेकिन हमने अब इसकी दोबारा व्यवस्था करवा दी है। लोगों से आह्वान है कि घर से निकलते वक्त कोरोना नियमों का पालन करें। सैंपल देने के बाद रिपोर्ट आने तक घर से न निकलें।
- डॉ. सुखप्रीत सिंह, कोरोना, नोडल अधिकारी।