अंबाला। छावनी की श्री दिगंबर जैन सभा में विवाद सामने आया है। सभा के प्रधान और अन्य पदाधिकारियों के बीच पिछले तीन-चार दिनों से विरोधाभास नजर आ रहा है।
सभा में शामिल अन्य पदाधिकारियों ने प्रधान पर मनमर्जी से कर्मचारी भर्ती करने और स्कूल के निर्माण में अधिक दाम के बिल लगाने और उनका भुगतान लेने के आरोप लगाए हैं। मामला इतना बढ़ गया कि अचानक से प्रधान ने कार्यकारिणी को समाप्त कर दिया। इसके साथ ही कुछ नए और कुछ पुराने लोगों के लिए नई कार्यकारिणी का गठन कर शपथ तक दिला दी।
इसकी जानकारी पुरानी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों तक काे नहीं दी। इसका जब विरोध बढ़ा तो पिछले दो दिनों से अन्य पदाधिकारियों ने इस पर हैरानी जाहिर की। अब मामला बढ़ता देख प्रधान अशोक जैन ने सभा से इस्तीफे की पेशकश कर दी है। इस आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
अब तक लगा चुके ये चार आरोप
सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि नवंबर में प्रधान के चुनाव हुए थे। इसके बाद प्रधान को नई कार्यकारिणी गठित करने में करीब दो महीने का समय लग गया। जनवरी के आखिर में कार्यकारिणी का गठन किया। ये लेटलतीफी क्यों की, इसका कोई जवाब देने वाला नहीं है। संस्था के स्कूल में पिछले कुछ समय से निर्माण कार्य चल रहा है। इस निर्माण के लिए कई सामान अधिक कीमत पर खरीदा है। इसके बिलों पर भी आपत्तियां लगी हैं। यहां तक कि बच्चों के पहचान पत्र भी अधिक कीमत पर बनाए। इस पर भी कुछ पदाधिकारियों ने आपत्तियां लगाईं। इसी प्रकार पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि स्कूल में मनमर्जी चलाते हुए कर्मचारियों को नियुक्त किया जा रहा है। कुछ समय पहले एक ड्राइवर फिर टेस्ट फेल व्यक्ति को कंप्यूटर टीचर रख लिया।
पुरानी संस्थाओं में से एक है श्री दिगंबर जैन सभा
श्री दिगंबर जैन सभा अंबाला की पुरानी संस्थाओं में से एक है। इस संस्था के तहत कई इकाइयों भी आती हैं। यह संस्था लॉर्ड महावीर स्कूल, जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जैन धर्मशाला, फिजियोथैरेपी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र और सात जिनालयों का काम देखती है। इस संस्था से जैन समाज के सैकड़ों परिवार जुड़े हैं।
वर्जन
मेरे ऊपर जो आरोप लगाए हैं, मैं उनका खंडन करता हूं। ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं की है। सभा में कुछ ठीक नहीं था। इस कारण से मैं इस्तीफा आज या कल दे दूंगा।
-अशोक कुमार जैन, प्रधान, श्री दिगंबर जैन सभा, अंबाला छावनी।