संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी स्थित उपमंडल भवन की छत पर रखी पानी की टंकियों की पिछले चार सालों से एक बार भी सफाई नहीं हुई है। टंकियों में गंदा पानी भरा हुआ है, ढक्कन गायब हैं और अंदर मकड़ी के जाले लटक रहे हैं। इसी भवन के द्वितीय तल पर स्थित सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी में रोजाना सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले करीब 250 छात्र-छात्राएं इसी दूषित पानी को पीने के लिए मजबूर हैं।
लाइब्रेरी में पिछले 13 दिनों से वाटर कूलरों में गंदा पानी आ रहा है। प्रशासनिक अनदेखी से नाराज छात्र वीरवार को अपनी समस्या लेकर कैबिनेट मंत्री से मिले थे। मंत्री ने मामले पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम को टंकियों की सफाई और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए थे। मंत्री के आदेशों के बावजूद शुक्रवार को काॅलेज व भवन प्रबंधन के रवैये में कोई सुधार नहीं दिखा। न तो छत पर रखी पानी की टंकियों की सफाई की गई और न ही उनमें जमा गंदा पानी निकाला गया जबकि वीरवार को काॅलेज प्राचार्य देसराज वाजवा की ओर से कहा गया था कि शुक्रवार को कर्मचारियों को भेजकर सफाई करवाई जाएगी।
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बाहर जाकर पानी पीने रहे छात्र
छात्र अनुराग ने कहा कि लाइब्रेरी में स्वच्छ पानी न मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं साहिल ने बताया कि पिछले कई दिनों से वाटर कूलर से पानी लीक हो रहा है जो आज तक ठीक नहीं हुआ। सागर ने बताया कि भवन में ग्राउंड फ्लोर के वाटर कूलर से पानी पी रहे हैं। ऐसे में पढाई प्रभावित हो रही है। रोहित ने बताया कि कई बार पानी के बिना रहना पड़ता है और बस अड्डे पर आकर पानी पीना पड़ता है।
अंबाला छावनी के उपमंडल भवन की छत पर रखी पानी टंकी से गायब ढक्कन और लग रहे मकड़ी के जाले। संवाद
अंबाला छावनी के उपमंडल भवन की छत पर रखी पानी टंकी से गायब ढक्कन और लग रहे मकड़ी के जाले। संवाद
अंबाला छावनी के उपमंडल भवन की छत पर रखी पानी टंकी से गायब ढक्कन और लग रहे मकड़ी के जाले। संवाद
अंबाला छावनी के उपमंडल भवन की छत पर रखी पानी टंकी से गायब ढक्कन और लग रहे मकड़ी के जाले। संवाद
अंबाला छावनी के उपमंडल भवन की छत पर रखी पानी टंकी से गायब ढक्कन और लग रहे मकड़ी के जाले। संवाद