संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के 66 राजकीय प्राथमिक पाठशाला व राजकीय माध्यमिक स्कूलों के जर्जर हालात को सुधारने के लिए एस्टीमेट मांगे हैं, ताकि इन जर्जर स्कूलों की हालत को सुधारने के लिए कार्य किया जा सके।
अंबाला जिले में राजकीय प्राथमिक पाठशाला घड़ौली, बकनौर, मटहेड़ी जट्टां, रवालों स्कूलों के नाम इस सूची में शामिल है।
मांगे गए एस्टीमेट की सूची अंबाला जिले के चार, भिवानी के चार, चरखी-दादरी के दो, फतेहाबाद के तीन, हिसार के तीन, झज्जर के एक, जींद के पांच, करनाल के तीन, कैथल के सात, कुरुक्षेत्र के पांच, नूंह में एक, पलवल में दो, पंचकूला में दो, रेवाड़ी में तीन, रोहतक में एक, सिरसा में 17, सोनीपत में एक और यमुनानगर में एक स्कूल को शामिल किया गया है। हालांकि पहले भी विभाग की ओर से एस्टीमेट मांगा गया था, लेकिन अभी तक इन जर्जर भवनों को बनाने के लिए बजट जारी नहीं किया गया।
विभाग को जन संवाद पोर्टल के माध्यम से मिली शिकायतें
मौलिक शिक्षा निदेशालय को जन संवाद पोर्टल के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई। यह शिकायत अलग-अलग जिलों से शिकायतकर्ता, ग्राम पंचायत, राजकीय प्राथमिक पाठशाला, राजकीय माध्यमिक विद्यालय के भवन व अन्य कार्यों के लिए भेजी गई।
इस सूची के अनुसार राजकीय प्राथमिक पाठशाला घड़ौली में नए भवन, बकनौर स्कूल के ग्राउंड में इंटरलॉकिंग टाइल, मटहेड़ी जट्टां में दो कमरों की मरम्मत और राजकीय प्राथमिक पाठशाला रवालों में नए भवन को बनाने के लिए मांग की गई है। अब विभाग ने दोबारा से इन कार्यों को लेकर एस्टीमेट मांगा है।