अंबाला सिटी। महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी सिटी के रामनगर में स्थित गद्दी टिल्ला श्री गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में गद्दीनशीन पीर पारसनाथ की अध्यक्षता में आयोजित तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रम का समापन किया गया।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन सुबह 7 से 8 बजे तक भक्तों को गुरुमंत्र दीक्षा प्रदान की गई। सुबह साढ़े दस से दोपहर दो बजे तक गद्दी की रस्म विधिवत निभाई गई। इस दौरान गद्दीनशीन पीर पारसनाथ महाराज विशेष पोषाक धारण कर गद्दी पर विराजमान हुए, जहां पर महाराज ने श्रद्धालुओं को भभूति प्रसाद आशीर्वाद के रूप में दिया। इस मौके पर सेवादार नत्था ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व पर 8 व 9 मार्च को स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। जिसमें 8 मार्च को 115 व 9 मार्च को 125 लोगों ने स्वास्थ्य की जांच करवाई। इस दौरान मरीजों को दवाइयां भी निशुल्क वितरित की गई। श्री श्रद्धानाथ एजुकेशनल व चैरिटेबल सोसाइटी की ओर से सर्वहित स्वास्थ्य समिति के सहयोग से डॉ. ओपी आर्य के नेतृत्व में सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इस दौरान शिविर में आयुर्वेद पद्धति से शुगर, बीपी व आंखों की जांच की गई। नारायणगढ़ की शेखर त्रिवेदी एंड पार्टी द्वारा गतरात्रि शाम 7 से रात 11 बजे तक भगवान शिव महिमा का गुणगान किया गया। सेवादार नत्था ने बताया कि ऐतिहासिक टिल्ला श्री गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में सैकड़ों वर्षों से चली आ रही गद्दी की रस्म के मौके पर राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने लाइनों में लगकर गुरु पीर पारसनाथ महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।
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इस दौरान गद्दीनशीन पीर पारसनाथ महाराज ने कहा कि इस टिल्ले का इतिहास सदियों पुराना है। गुरु गोरक्षनाथ महाराज भगवान शिव के अवतार हैं। यह गद्दी पाकिस्तान से चली आ रही है। जहां पर भक्तजन भारत के विभिन्न राज्यों से पहुंचकर इस गद्दी पर नतमस्तक होते हैं। इस गद्दी से जुड़े सभी भक्तों की मनोकानाएं संपूर्ण होती हैं। वहीं टिल्ले के उत्तराधिकारी योगी मनसा नाथ ने बताया कि पहले यह टिल्ला पाकिस्तान के झेलम जिले में स्थित था। आजादी के बाद अंबाला शहर की पुरानी अनाज मंडी में टिल्ले का नवनिर्माण किया गया था। उसके बाद इसका विस्तार होते हुए आज सिटी के जगाधरी गेट के नजदीक श्रीनाथ नगर के नाम से विशाल भवन का रूप ले लिया है।
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हिमाचल के ऊना से पहुंचे भक्त सुशील साहनी ने बताया कि वह बीते करीब 40 वर्षो से गुरु पीर पारसनाथ महाराज के दर्शनों के लिए महाशिवरात्रि पर मंदिर परिसर पहुंचते हैं। इस मंदिर के प्रति भक्तों की आस्था बहुत ही गहरी है। जिसके चलते दूर-दराज से भक्तजन मंदिर में गुरु महाराज के दर्शन कर नतमस्तक होते हैं।
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यूपी कानपुर से आए भक्त रविन्द्र आनंद ने बताया कि गुरु गद्दी के स्थापना दिवस व महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर वर्ष में दो बार अंबाला परिवार सहित पहुंचकर भगवान शिव के दरबार में अपनी हाजरी लगाते हैं, वहीं गुरु पीर पारस नाथ महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
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दिल्ली से पहुंचे महल भाटिया ने बताया कि उनकी पत्नी नम्रता भाटिया अपने परिवारिक सदस्यों के साथ इस मंदिर में पहुंचती थी, बीते चार वर्ष पहले शादी के बाद से वह भी अपने पूरे परिवार के साथ इस मंदिर में श्रद्धाभाव से आ रहे हैं। गुरु महाराज से आशीर्वाद व मंदिर में स्थापित भगवान शिव के दरबार में नतमस्कर कर सभी मनोकामनाएं संपूर्ण हो रही हैं।
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पंजाब लुधियाना से पहुंचे इशांत गोपी भक्त ने बताया कि उनका परिवार कईं पीढिय़ों से इस गद्दी से जुड़ा हुआ है। उनके र्पूवज पाकिस्तान में रहते थे, लेकिन विभाजन के समय में उनके परिवारिक सदस्य पंजाब के लुधियाना में शिफ्ट हो गए थे और आज वह परिवार सहित अंबाला गद्दी पर श्रद्धापूर्वक पहुंचकर गुरु महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया है।