संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। अरणी मंथन के साथ शुरू हुआ श्री शत चंडी महायज्ञ और देवी भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन शनिवार को सनातन धर्म कन्या महाविद्यालय परिसर में यज्ञशाला में बनाए गए 21 हवन कुंडों में विधि विधान के साथ पूजा हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के साथ हवन में आहुतियां डालीं।
सबसे पहले पंचांग की पूजा हुई। इसके बाद स्तंभ पूजा की गई और द्वार की पूजा की गई। इसके बाद 20 हवन कुंड में अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। इसके बाद हवन कुंड में बैठे पुजारियों ने मंत्रोचार के साथ यजमानों से हवन में आहुतियां डलवाईं दोपहर को आरती की गई। दोपहर बाद यज्ञशाला के समक्ष बनाए गए पंडाल में देवी भागवत महापुराण कथा सुनाई गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया। वहीं कथावाचक कमल नयन महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वेदव्यास जी ने 18 पुराण रचने के बाद श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना की। इसके बाद राधा-कृष्ण भजन सुनाए गए।