अंबाला। सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत सांसदों के गोद लिए गांवों को सुविधा संपन्न बनाने की योजना पर पलीता लग गया है। इन गांवों में फंड के अभाव में अभी काम अटके हैं।
अंबाला में एक ऐसा ही मामला सामने आया है कि जिसमें दिवंगत सांसद रतन लाल कटारिया के काम को कराने का पंचायती राज विभाग कोई रास्ता ही नहीं निकाल पा रहा है। अधिकारियों का तर्क है कि योजना में बजट न होने के कारण यह विकास कार्य नहीं हो सके हैं। इसमें चौपाल, सामुदायिक भवन आदि से जुड़े काम हैं। यह हालात तब हैं जब लोकसभा चुनाव में केंद्र व राज्य सरकार ने लगभग हर सभा में पूर्व सांसद दिवंगत रतन लाल कटारिया के योगदान को सराहा था।
योजना में आठ कार्य हैं बाकी
केंद्र की सांसद आदर्श ग्राम योजना में वर्ष 2020 में स्व. कटारिया ने शहजादपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जटवाड़, जनवरी 2022 में साहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत पिलखनी और अंबाला प्रथम ब्लॉक की ग्राम पंचायत दुखेड़ी को चयन किया था। इन ग्राम पंचायतों को आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करना था। जिसमें कुल 42 कार्य स्वीकृत किए गए थे। जिसमें से 34 कार्य पूरे हो गए हैं और चार कार्य बाकी हैं। इसी प्रकार दुखेड़ी में 41 कार्य स्वीकृत किए गए यहां 36 कार्य पूरे हुए चार कार्य बाकी हैं। जबकि जटवाड़ में 48 कार्य स्वीकृत हुए सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। पंचायती राज विभाग ने दो ग्राम पंचायतों में लंबित कार्यों का कारा बजट का अभाव बताया है। इसके लिए पंचायती राज विभाग के निदेशक को बजट के लिए पत्र भी लिखा गया है। इनमें कम्युनिटी सेंटर, अंबेडकर भवन में टाइलें आदि कार्य शामिल हैं।