अंबाला सिटी। कोरोना की तैयारियों पर निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आरटीपीसीआर किटें मंगवाई हैं। मगर इसके बाद भी रैपिड किटों से ही टेस्ट किए जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि रैपिड किट में जांच सिर्फ निमोनिया के मामलों की होगी।
नागरिक अस्पताल में अभी तक इतने मामले नहीं आए हैं। इसलिए यह टेस्ट शुरू नहीं हुए हैं। जिले में अभी तक तीन कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। शुक्रवार को कोरोना के 42 संदिग्ध मरीजों की जांच की। मगर कोई भी केस पॉजिटिव नहीं मिला है।
किटों का नहीं मिला बजट
एक पीसीआर किट में 96 सैंपल की जांच करवाई जाती हैं। यह किट करीब 70 से 72 हजार रुपये की आती हैं। फिलहाल विभाग ने 500 किटें मंगाई हैं। स्वास्थ्य विभाग को अभी तक इसका बजट नहीं मिला है। इस कारण अपने स्तर पर विभाग इसकी खरीद नहीं कर पाया है। वर्तमान में जो किटें मिली हैं। वे निदेशालय की ओर से ही प्राप्त हुई है। बजट के अभाव में हैपेटाइटिस के सैंपल भी करनाल भेजने पड़ रहे हैं। सोमवार तक बजट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रैपिड किटों का स्टॉक पहुंचा
कोरोना की जांच प्रक्रिया को और तेज करने के लिए वीरवार को स्वास्थ्य विभाग को 2000 रैपिड टेस्ट किटों की खेप प्राप्त हुई। यह किटें जिले के सिटी सिविल अस्पताल, कैंट अस्पताल, नारायणगढ़ सहित सीएचसी और पीएचसी में भेजी जा चुकी हैं। अब तक जिले में 370 संदिग्ध मरीजों की जांच रैपिड टेस्ट किट से की जा चुकी है।
वर्जन
आरटीपीसीआर के लिए प्रर्याप्त सैंपल नहीं मिल रहे हैं। इसलिए फिलहाल यह सैंपलिंग नहीं हो रही है। रैपिड से ही मरीजों की जांच करवाई जा रही है। जल्द ही इसका बजट जारी हो जाएगा।
-डॉ. सीमा तवंर, डीटीओ, अंबाला।