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Ambala News: लिव-इन में रहकर भी एक दूसरे के नहीं हुए, छोटी-छोटी बात पर टूट रहे रिश्ते

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पानीपत। लिव-इन में रहने के पीछे तर्क दिया जाता है कि लड़का-लड़की शादी से पहले एक दूसरे को अच्छी तरह से समझ लें, लेकिन वर्तमान समय में लिव इन के भी रिश्ते टूट रहे हैं। तीन-तीन साल तक एक साथ रहने के बाद भी युवक-युवती छोटी-छोटी बातों पर रिश्ते तोड़ने तक का फैसला ले रहे हैं। जिला महिला संरक्षण अधिकारी कार्यालय में प्रतिमाह औसतन तीन से चार केस इस तरह के आ रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि इनमें ज्यादातर मामले उच्च शिक्षित वर्ग से हैं।
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रेवाड़ी से भाजपा विधायक लक्ष्मण यादव ने विधानसभा के शून्यकाल में लिव-इन रिलेशनशिप का मुद्दा उठाया और इसे परिवार टूटने का कारण माना है। उन्होंने उत्तराखंड की तर्ज पर हरियाणा में भी लिव-इन रिलेशनशिप के लिए ठोस कानून बनाने की मांग की है। जिसके बाद लिव इन रिलेशनशिप का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। लिव-इन रिलेशनशिप के मामलों की पड़ताल की गई तो चौकाने वाले तथ्य सामने आए। जिले में महिला संरक्षण अधिकारी के कार्यालय में कई ऐसे मामले पहुंचे हैं जिनमें युवक और युवती लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहकर भी एक दूसरे को नहीं समझ पाए। शादी के बाद महिलाओं ने पति पर मारपीट करने और झगड़ा करने के आरोप लगाए हैं। इनमें से ज्यादातर मामलों में दोनों पक्षों ने अलग ही रहने का फैसला किया है।

केस-1
शहर थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी महिला ने संरक्षण अधिकारी के कार्यालय में शिकायत देकर बताया था कि वह चांदनीबाग क्षेत्र निवासी युवक के साथ डेढ़ साल तक लिव-इन में रही। डेढ़ साल में उन्होंने एक दूसरे के साथ काफी समय बिताया। इसके बाद उन्होंने शादी कर ली। शादी के एक माह बाद ही पति ने दहेज के लिए उत्पीड़न करना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसका पति पहले से ही शादीशुदा था। दोनों पक्षों की काउंसिलिंग की गई तो दोनों ने एक दूसरे से अलग होने की बात कही।
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केस-2
पानीपत की एक युवती ने महिला संरक्षण अधिकारी को शिकायत देकर बताया था कि वह करनाल के एक युवक के साथ ढाई साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रही थी। इसके बाद उन्होंने शादी कर ली, लेकिन शादी के कुछ दिन बाद ही पति ने धोखा देना शुरू कर दिया। मामला महिला संरक्षण अधिकारी कर कार्यालय तक पहुंचा, जिसके बाद दोनों पक्षों ने अलग-अलग रहने का फैसला किया। इसी तरह के कई अन्य मामले भी संरक्षण अधिकारी के कार्यालय में पहुंचे हैं।

लिव-इन में रहने के बाद शादी करने के बावजूद भी युवक-युवती थोड़े की समय में एक दूसरे पर आरोप लगाने शुरू कर देते हैं। उनके पास इस तरह के कई मामले आ चुके हैं, जिसमें लिव-इन के बाद शादी हुई और फिर दोनों ने अलग होने का फैसला किया।
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-रजनी गुप्ता, महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी।
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