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डीईओ ने सभी स्कूलों को वार्षिक फीस न लेने के जारी किए आदेश

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डीईओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे अभिभावक। - फोटो : Ambala
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वार्षिक फीस मांग और रिजल्ट न घोषित करने के मामले में एसडी विद्या स्कूल के अभिभावकों ने डीईओ कार्यालय में हंगामा किया। लिहाजा जिला शिक्षा अधिकारी को इस बार सभी प्राइवेट स्कूल संचालकों के लिए निर्देश जारी करते हुए वार्षिक फीस न वसूलने के निर्देश जारी करने पड़े।
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इससे पहले अभिभावकों ने स्कूल पर वार्षिक फीस की मांग करने और वार्षिक फीस देने की एवज में छात्रों का रिजल्ट घोषित करने का आरोप लगाया और अपनी शिकायत डीईओ के समक्ष रखी। डीईओ ने अभिभावकों को उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और 7 दिन में जांच के बाद आदेश पारित करने के लिए कहा। डीईओ के फैसले से असंतुष्ट अभिभावक डीईओ कार्यालय के बाहर आ गए। करीब 7 मिनट बाद फिर से अभिभावक डीईओ कार्यालय में पहुंचे और तुरंत कार्रवाई की मांग की। अभिभावकों के रवैये से नाखुश डीईओ ने नियमानुसार कार्रवाई करने का हवाला दिया। इस पर डीईओ की बात से खफा अभिभावक डीईओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। अभिभावकों के सख्त रुख को देखते हुए करीब साढ़े तीन बजे डीईओ ने मजबूरी में सभी स्कूलों के नाम पत्र जारी करते हुए वार्षिक फीस न लेने और जिनसे ली गई है उन्हें वापस करने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद जाकर अभिभावकों ने राहत की सांस ली और वह लौट गए।
अभिभावकों ने डीईओ के समक्ष दुखड़ा
सर, पिछले 10 साल में क्या कोई अभिभावक आपके पास वार्षिक फीस की समस्या को लेकर आया था। हम तो पहले भी वार्षिक फीस दे रहे थे, अब भी दे देते। लेकिन अब कोरोना के कारण काम-धंधे पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं और स्कूल हमसे 30 हजार रुपये तक वार्षिक फीस की मांग कर रहा है। ऐसे में हम कहां से फीस दे, हमारे तो बच्चों का रिजल्ट भी रोक लिया है और जब बच्चों का टीसी मांग रहे हैं तो वह भी नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में अब आप ही आदेश जारी कर स्कूल से वार्षिक न लेने की बात कही। जैसे आपने सेसिल कान्वेंट स्कूल के खिलाफ आदेश जारी किए हैं, वैसे ही इस स्कूल के खिलाफ आदेश जारी करते हुए इंसाफ दें।
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हम सुप्रीम और हाईकोर्ट के आदेश पर ही वार्षिक फीस ले रहे हैं, जबकि हमारी ओर से अभिभावकों को छूट दी जा रही है कि वह 50 प्रतिशत वार्षिक शुल्क जमा करवा दें। इसके साथ ही न तो अभिभावकों पर लेट फीस चार्ज लगा रहे हैं और न ही 20-21 में फार्म-6 में भरी फीस को चार्ज कर रहे हैं। अभी हम अभिभावकों से 19-20 शेड्यूल के अनुसार ही शुल्क की मांग रहे हैं जो कि गलत नहीं है।
- नील इंद्रजीत कौर संधू, प्रिंसिपल, एसडी विद्या स्कूल अंबाला कैंट।
कई स्कूलों से हमारे पास शिकायत आई थी। पहले सेसिल कान्वेंट की आई उसके बाद अब एसडी विद्या स्कूल की। इससे पहले भी कई शिकायत आई है। इसी लिए जिले भर के सभी स्कूलों के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। अगर कोई भी वार्षिक शुल्क मांगता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेश कुमार, डीईओ, अंबाला सिटी।
स्कूल की ओर से वार्षिक फीस की मांग की जा रही है। जबकि सुप्रीम कोर्ट की ओर से साफ आदेश जारी किए गए हैं कि कोई भी स्कूल वार्षिक फीस की मांग नहीं कर सकता है। इसके बाद भी स्कूल नियमों की अवहेलना करते हुए फीस की मांग कर रही है जो कि गलत बात है। - कंचन, अभिभावक
कई छात्र तो ऐसे हैं, जिनका स्कूल ने वार्षिक फीस न देने पर रिजल्ट ही रोक लिया है। ऐसे में तो हमारे बच्चों का भविष्य ही खराब हो जाएगा। जब हम अभिभावक स्कूल से बात करने जाते हैं तो वह ढंग से बात भी नहीं करते हैं। - पूनम, अभिभावक
एक तो कोरोना में काम-धंधा पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। ऊपर से स्कूल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए वार्षिक फीस की मांग कर रहे हैं, जोकि गलत है। अब विभाग ने आदेश तो जारी कर दिए हैं, आगे देखते हैं क्या होता है। - करण, अभिभावक
हमारे धरने पर बैठने के बाद विभाग ने आदेश जारी किए हैं। वरना विभाग तो सात दिन का समय मांग रहा था। इतने में हमारे छात्रों की पढ़ाई भी बर्बाद होती। रिजल्ट न आने के कारण हमारे बच्चों को भी टेंशन में आ गए थे। स्कूल को ऐसा नहीं करना चाहिए।
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- गुरजिंद्र, अभिभावक।
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