मौसम के बदले मिजाज से लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से लेकर दोपहर एक बजे तक जिला कोहरे की चादर में लिपटा रहा।
कोहरे के कारण वीरवार को अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर लगभग एक दर्जन गाड़ियां आपस में भिड़ गई, जबकि एक ट्राला सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया। वाहनों की भिड़ंत से यातायात व्यवस्था लगभग एक घंटा तक प्रभावित रही। आलम यह था कि विभिन्न इलाकों में दृश्यता मुश्किल से 30 से 100 मीटर तक ही थी।
इस कारण अंबाला-दिल्ली, अंबाला-चंडीगढ़, अंबाला-हिसार, अंबाला-देरहादून, अंबाला - जगाधरी हाईवे पर वाहन चालकों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उधर, मौसम के बदले मिजाज का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ा है।
वीरवार सुबह अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर एक दर्जन चौपहिया वाहन आपस में टकरा गए। अचानक एक गाड़ी की ब्रेक लगने से एक के पीछे एक सभी चौपहिया वाहन अचानक ब्रेक नहीं लगा पाए और आपस में ही भिड़ते चले गए।
इस वजह से वहां जाम की स्थिति पैदा हो गई और इस दौरान करीब एक घंटा यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जरूरी कार्रवाई पूरी की और उसके बाद जाम को खुलवाया।
ठंड में बीमार हो रहे बच्चे
ठंड की वजह से बच्चों को भी उल्टियों और दस्त ने घेर लिया है। बच्चे इस ठंड की वजह से लगातार बीमार होते जा रहे हैं। इस वक्त प्राइवेट, सरकारी अस्पतालों व क्लीनिकों और स्वास्थ्य केंद्रों में देखा जाए तो रोजाना ठंड की वजह से 30 से 35 बच्चे इलाज की वजह से पहुंच रहे हैं।
डा. संजीव कौशिक कहते हैं कि इस वक्त सूखी ठंड पड़ रही है, इसलिए बच्चों को ठंड से बचाने की बहुत जरूरत है। बच्चे सर्दी के संपर्क में आते हैं, उसके बाद ही उन्हे उक्त प्राब्लम शुरू हो जाती है। हो सके तो छोटे बच्चों को इस वक्त घरों में ही रखा जाए तो बेहतर होगा। यदि बाहर जाना पड़े तो बच्चों को पूरी तरह से ठंड से बचाव के लिए पैक करके लेकर जाएं।