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Kisan Andolan: दिल्ली कूच के लिए किसान जेसीबी-पोकलेन लाए, हरियाणा में चिंता; पंजाब के DGP ने दिए रोकने के आदेश

Wed, 21 Feb 2024 01:38 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, अंबाला सिटी (हरियाणा)

सार

किसानों ने दिल्ली कूच की तैयारी कर ली है। बॉर्डर पर जेसीबी और पोकलेन मशीन पहुंची है। बैरिकेडिंग तोड़कर मिट्टी की बोरियां डालकर ट्रैक्टर निकालने की तैयारी है। घग्गर के ऊपर बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद मिट्टी के बोरियां डालकर ट्रैक्टर निकालने की तैयारी है।
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पोकलेन मशीन को लेकर आते किसान। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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21 फरवरी को दिल्ली कूच के लिए किसानों ने शंभू सीमा पर तैयारी कर ली हैं। मंगलवार को पंजाब की ओर से युवा किसान जेसीबी और पोकलेन मशीन लेकर पहुंच गए हैं। ट्रैक्टर मार्च के बीच में इन मशीनों को लाया गया, जिससे कोई रास्ते में रोक न सके।

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वहीं हरियाणा के डीजीपी द्वारा पंजाब के डीजीपी को पत्र लिखने के बाद पंजाब के डीजीपी ने खनौरी और शंभू में पंजाब-हरियाणा सीमा की ओर जेसीबी, पोकलेन, टिपर, हाइड्रा और अन्य भारी मिट्टी हटाने वाले उपकरणों की आवाजाही को रोकने का आदेश दिया है।
डीजीपी पंजाब के निर्देशों पर किसानों को शंभू बॉर्डर की तरफ भारी वाहन और जेसीबी ले जाते समय रोकने के दौरान शंभू थाना के एसएचओ और एक अन्य अधिकारी जख्मी हो गए हैं। पटियाला शंभू थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर अमन पाल सिंह विर्क और मोहाली के एसपी जगविंदर सिंह चीमा जख्मी हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में दाखिल करवाया है। अधिकारियों ने शंभू बॉर्डर से करीब 5 किलोमीटर पहले नाकाबंदी की हुई थी, जहां पर यह वाक्या हुआ है। थाना प्रभारी अमनपाल सिंह विर्क के घुटनों पर चोट आई है।
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केंद्र का अनुमान- पजाब-हरियाणा बॉर्डर परी 14000 की भीड़
केंद्र ने अनुमान लगाया है कि पंजाब-हरियाणा सीमा पर 1,200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, 300 कारों, 10 मिनी बसों के अलावा छोटे वाहनों के साथ लगभग 14,000 लोग एकत्र हुए हैं और इसके लिए पंजाब सरकार को अपनी कड़ी आपत्ति से अवगत कराया गया है। पंजाब सरकार को भेजे एक पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों से राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति चिंता का विषय है और उसने कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।

हरियाणा डीजीपी ने लिखा पत्र
इससे पहले डीजीपी हरियाणा ने पंजाब डीजीपी को पत्र लिखा था, इसमें किसान आंदोलन में पोकलेन मशीन और जेसीबी मशीनों को जब्त करने को कहा गया था। बेरिगेड पर तैनात फोर्स की सुरक्षा का हवाला दिया गया है।

इधर अंबाला में दो अज्ञात पोकलेन मशीन व जेसीबी चालक के खिलाफ केस दर्ज कर फोटो भी जारी किए हैं।


किसान नेताओं ने सरकार को बुधवार 11 बजे तक का समय दिया है, अगर तब तक बात नहीं बनी तो किसान कूच करेंगे। युवाओं में दिल्ली कूच के लिए उत्साह नजर आ रहा है। एक तरफ जहां किसान शंभू सीमा पर बैरिकेडिंग तोड़ने की तैयारी कर रहे हैं वहीं, अन्य किसान शांतिपूर्ण तरीके से किसान नेताओं को सुनते नजर आए।

इतना ही नहीं किसान ऐसी मशीनें लेकर पहुंचे हैं, जो बख्तरबंद हैं। इन पर गोलियों और आंसू गैस के गोलों का कोई असर नहीं होगा। इन्हें पंक्चर भी नहीं किया जा सकता, क्योंकि पोकलेन चेन से चलती है, जिसपर से टैंक चलते हैं।

हरियाणा की ओर से भी किसानों को एकत्रित होने की अपील की गई है। इसके लिए किसान नेताओं ने वीडियो भी जारी किया है। किसानों की तैयारियों के लिए पुलिस के पास इनपुट पहुंच गया है। किसानों की तैयारियों को फेल करने के लिए रात्रि को पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई है।

रोहतक में किसान आंदोलन में ड्यूटी से लौटे इंस्पेक्टर की हार्ट अटैक से मौत
किसान आंदोलन में लगी ड्यूटी से लौटे पुलिस इंस्पेक्टर 45 वर्षीय विजय चौहान की सोमवार रात को हार्ट अटैक से मौत हो गई। मंगलवार दोपहर उनका शीला बाईपास के नजदीक अंतिम संस्कार किया गया।
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परिजनों ने बताया कि विजय चौहान की किसान आंदोलन को देखते हुए नूंह से गोहाना में ड्यूटी लगाई गई थी। सोमवार शाम को विजय चौहान घर लौटा। अचानक उसने सीने में दर्द की शिकायत की। परिजन निजी अस्पताल में ले गए, जहां रात दो बजे उनको मृत घोषित कर दिया गया। विजय चौहान की परिवार में दो बेटी व पत्नी है। मंगलवार को विजय के बड़े भाई प्रदीप चौहान व उनके बेटे ने इंस्पेक्टर विजय को मुखाग्नि दी। मौके पर पुलिस के जवान भी मौजूद रहे।

जत्थेबंदियों ने लगाई युवाओं की जिम्मेदारी
जत्थेबंदियों ने दिल्ली कूच की स्थिति बनने पर पहले ही तैयारी की है। 50 युवाओं को मोर्चा संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। जो बेरिकेडिंग तोड़ने की जिम्मेदारी संभालेंगे। सभी को अपनी-अपनी ड्यूटी दी गई है। इसमें कोई ट्रैक्टर चलाएगा तो कोई बैरिकेडिंग तोड़ने का काम करेगा। कोई रेत की बोरियों की ट्रालियों को आगे लेकर आएगा। इसी प्रकार आंसू गैस के गोलों का प्रभाव कम करने को युवाओं के हाथों में गीली बोरियां भी होंगे।

खुला है नदी का रास्ता
अभी तक जिस प्रकार की तैयारियां नजर आ रही हैं उससे संभावना बन रही है कि किसान घग्गर के पुल पर बने हरियाणा पुलिस के बैरिकेडिंग को पोकलेन से तोड़ने के बाद बोरियों को बैरिकेडिंग के ऊपर डालकर फिर आगे अंबाला की तरफ बढ़ सकते हैं। हालांकि किसान नेताओं का कहना है कि घग्गर नदी का रास्ता भी खुला है।

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