नारायणगढ़। घरेलू कलह का फायदा उठाकर एक बैंक डिफॉल्टर पति ने फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों के साथ मिलकर अपनी ही पत्नी के नाम पर करीब 18 लाख रुपये का फर्जी ऋण हड़प लिया। आरोप है कि जाली चेक के जरिए उसे कानूनी पचड़े में उलझा दिया।
आरोपियों ने साजिश के तहत विवाहिता का गलत पता देकर कोर्ट से उसे भगोड़ा तक घोषित करवा दिया। पीड़िता को जब पुलिस के जरिए इसकी भनक लगी तो उसने चंडीगढ़ कोर्ट में पेश होकर जमानत ली। नारायणगढ़ थाना पुलिस ने विवाहिता की तहरीर पर वरुण प्रताप वोहरा, नरेंद्र सिंह पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पंचकूला के बागवाला निवासी नवजोत सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी शादी नरेंद्र सिंह के साथ हुई थी। दोनों के बीच साल 2019 से ही वैवाहिक विवाद चल रहा था, जिसके चलते वह 6 अगस्त 2022 से अपने पति का घर छोड़कर अपनी नाबालिग बेटी के साथ मायके में रह रही हैं। पति के खिलाफ पहले से ही दहेज उत्पीड़न व तलाक का केस लंबित है। संवाद