अंबाला सिटी। धान कटाई के बाद पराली जलाने के मामले सामने आ रहे हैं। कृषि विभाग भी इन मामलों को लेकर सख्ती कर रहा है। इसके बाद भी लगातार मामले बढ़ रहे हैं। वहीं, पिछले वर्षों से तुलना करें तो इस बार प्रदेशभर में पराली जलाने के मामलों में कमी आई है।
कुछ ही जिले ऐसे है, जहां पिछले वर्षों की तुलना में मामले बढ़े हैं, मगर ज्यादातर जिला में पराली जलाने के मामले कम हुए हैं। इसका कारण किसानों में जागरूकता के साथ प्रशासन की सख्ती भी है। इस वर्ष किसान भी सुपर सीडर, हैपी सीडर से गेहूं की बिजाई कर रहे हैं और बेलर से भी पराली का प्रबंधन किया जा रहा है।
कृषि और किसान कल्याण विभाग उपनिदेशक डॉ. जसविंद्र सैनी ने बताया कि पराली प्रबंधन को लेकर किसानों में जागरूकता आई है। इस वजह से अबकी बार पराली जलाने के मामले कम हुए हैं। पहले यह आंकड़ा काफी बढ़ जाता था, मगर इस बार मामलों में कमी आई है। किसानों को विभाग की ओर से संसाधन भी उपलब्ध कराए हैं और किसान भी इसको लेकर जागरूक हुए हैं।
जिलों में पराली जलाने के यह मामले
जिला 2021 2022 2023 2024
अंबाला 186 175 165 78
भिवानी 0 0 2 0
फरीदाबाद 2 1 3 37
फतेहाबाद 393 337 235 62
हिसार 22 35 67 23
झज्जर 0 1 6 3
जींद 183 211 168 61
कैथल 775 538 177 153
करनाल 740 252 87 79
कुरुक्षेत्र 459 286 133 128
पलवल 54 31 54 36
पंचकूला 0 0 1 14
पानीपत 41 29 20 31
रोहतक 0 0 14 12
सिरसा 49 57 34 27
सोनीपत 21 14 57 42
यमुनानगर 113 116 73 31
नोट-एक नवंबर तक का आंकड़ा लिया है।