अंबाला में रेलवे ट्रैक पर मंगलवार को मिले युवक के शव का पोस्टमार्टम अंबाला में नहीं बल्कि पीजीआई रोहतक में होगा। गौरतलब है कि युवक के पैर में हथकड़ी बंधी हुई थी और उसका शव ट्रैक के पास मिला था।
चिकित्सकों का कहना है कि अंबाला में फोरेंसिक जांच नहीं हो सकती, इस कारण से यह कदम उठाया गया है। लेकिन चर्चा है कि जानबूझकर पोस्टमार्टम अंबाला में नहीं, बल्कि रोहतक पीजीआई में कराया जा रहा है, ताकि मामला ज्यादा तूल न पकडे़।
वहीं, दूसरी ओर दिन भर पुलिस, प्रशासन और पीड़ित परिवारों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। बुधवार को एसडीएम विनय प्रताप सिंह भी प्रशासनिक अधिकारियों सहित पुलिस मारे गए युवक के दूसरे साथी विक्रम का हालचाल पूछने उसके घर पहुंचे।
ये है मामला
उल्लेखनीय है कि मंगलवार सुबह जीआरपी को किसी व्यक्ति ने सूचना दी कि एक व्यक्ति का शव अंबाला शहर रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर कटा हुआ पड़ा है।
जीआरपी इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र और जीआरपी डीएसपी राजकुमार वालिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि युवक का सिर धड़ से अलग था और उसके पैर में बेड़ियां बंधी हुई थी। इसकी सूचना जीआरपी ने अंबाला, समेत हरियाणा के सभी जिलों, पंजाब पुलिस और सहारनपुर पुलिस को भेजी थी।
दोपहर को पुलिस चौकी नंबर दो ने मृतक की शिनाख्त करते हुए बताया कि मृतक राम कुमार और उसके एक साथी विक्रम को नयागांव क्षेत्र के कुछ लोगों ने नशे की हालत में चोरी के आरोप में पकड़ा था और चौकी लेकर आए थे। पुलिस ने दावा किया था कि चोरी करते हुए पकड़ने के बाद लोग ही उन्हें चौकी में लेकर आए थे। जिसके बाद आधी रात को दोनों आरोपी युवक चौकी से फरार हो गए।
उधर, मृतक के परिजनों ने इस घटना का पूरा ठीकरा स्थानीय पुलिस पर फोड़ा है। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने ही दोनों युवकों को अवैध हिरासत में रखा था और उन्हें पीटकर मारा। जिसके बाद शव ट्रैक पर फेंक दिया।
अंबाला सिविल अस्पताल में होना था पोस्टमार्टम
मारे गए युवक के शव का पोस्टमार्टम बुधवार अंबाला शहर सिविल अस्पताल में होना था, लेकिन ऐन वक्त पर शव को पीजीआई रोहतक भेजने का निर्णय लिया गया।
चिकित्सकों का कहना है कि इस मामले में फोरेंसिक जांच की आवश्यकता है, जिस कारण से शव पीजीआई रोहतक भेजा जाएगा। इसी पर चर्चा है कि अंबाला में पहले भी ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम होते आए हैं तो फिर इसे रोहतक पीजीआई क्यों भेजा जा रहा है?
पुलिस को देखते ही भड़के लोग
बुधवार को जैसे ही पुलिस दूसरे युवक का हालचाल जानने और बातचीत करने पहुंची तो क्षेत्र के लोग भड़क उठे। लोगों ने पुलिस को साफ कह दिया कि वे यहां से चले जाएं।
पुलिस भी लोगों का गुस्सा देखकर वापस चली गई। इसके बाद पुलिस एक बार फिर से विक्रम के घर पहुंची और विक्रम के पैर में हथकड़ी खोलने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने पुलिस को ऐसा करने नहीं दिया।
एक दिन के रिमांड पर आरोपी
इस मामले में आरोपी तीन पुलिस कर्मियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। इससे पहले पुलिस कर्मियों का मेडिकल कराया। पुलिस ने अदालत से आरोपियों का दो दिन का पुलिस रिमांड मांगा, जिस पर अदालत ने एक दिन का पुलिस रिमांड दिया है।
युवक की मौत पर तीन लाख रुपये का मरहम
एसडीएम विनय प्रताप सिंह ने घोषणा की कि रविदास बस्ती अंबाला शहर निवासी मृतक राम कुमार के परिजनों को 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सहायता राशि में दो लाख रुपये सरकार और एक लाख रुपये राजीव गांधी बीमा योजना के माध्यम से दी जाएगी। उन्होंने राम कुमार की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि जिला प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मृतक का पोस्टमार्टम अंबाला शहर में करवाने की बजाए पीजीआई रोहतक में करवाया जाएगा, ताकि सही तथ्य सामने लाए जा सकें।