डेंगू का डंक जिले में अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। लगातार डेंगू के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिले में सरकारी रिकार्ड में डेंगू मरीजों की संख्या 200 के पार पहुंच चुकी है। यह सिलसिला अभी थमा नहीं क्योंकि अभी भी डेंगू के लिए उपयुक्त मौसम है। वहीं कई मरीज अभी भी ऐसे हैं, जिनमें डेंगू के लक्षण देखते हुए उनके सेंपल लिए गए हैं लेकिन रिपोर्ट आनी बाकी है। जिले में सोमवार तक 215 मरीजों की पुष्टि सरकारी रिकार्ड के अनुसार हो चुकी है।
3200 को सिर्फ नोटिस दिया
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की रोकथाम के लिए संदिग्ध एरिया में घर-घर जाकर लारवा की चेकिंग का अभियान चलाया था। इस दौरान 3200 घर ऐसे पाए गए जिनमें डेंगू का लारवा मिला। मसलन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर दिए लेकिन किसी पर भी जुर्माना लगाना लाजमी नहीं समझा। यदि जुर्माना लगता तो स्थिति को इस तरह बिगड़ने से रोका जा सकता था। क्योंकि खुद जनता भी अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है और चंद लोगों के चलते लोग डेंगू की चपेट में आ रहे हैं।
फोगिंग करवाना चुनौती
जिले में डीसी ने फोगिंग के आदेश जारी किए थे। उनके अनुसार कुछ क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग ने फोगिंग करवाई भी लेकिन ज्यादातर में फोगिंग नहीं हुई। फोगिंग करवाने को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग दुविधा में है। क्योंकि फोगिंग करवाए तो एयर क्वालिटी इंडेक्स नीचे गिर सकता है न करवाए तो स्थिति और भी खराब हो सकती है। हालांकि ऐसी स्थिति में स्प्रे किया जा सकता है।
टीमें कर रही हैं सर्वे
डिप्टी सिविल सर्जन डा. संजीव सिंगला ने बताया कि डेंगू के मरीजों की संख्या को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरी लगन के साथ सर्वे किया जा रहा है और अभी भी जिन लोगों के घरों में डेंगू का लारवा मिल रहा है। उसे साथ के साथ खत्म किया जा रहा है और नोटिस भी दिए जा रहे हैं।
ऐसे करें बचाव
दिन के समय फुल शर्ट ही पहनें, पावों में जूते जरूर पहनें, शरीर को कहीं से भी खुला न छोड़ें। घर के आसपास या घर के अंदर पानी नहीं जमने दें, कूलर, गमले, टायर इत्यादि में जमे पानी को तुरंत बहा दें। कूलर में यदि पानी है तो इसमें केरोसिन डालें जिससे कि मच्छर पनप न पाये, मच्छरदानी का उपयोग करें और मच्छरों को दूर करें, लक्षण पाए जाने पर पहले नजदीकी डॉक्टर से सहायता लें और रक्त में प्लेटलेट्स की जांच करवा लें। यह भी ध्यान रखें कि प्लेटलेट्स कम होने का मतलब डेंगू नहीं है। प्लेटलेट्स कम होने के और भी कई कारण जैसे इंफेक्शन भी हो सकता है।