कोरोना के कम होते ही वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार भी धीमी हो गई है। बुधवार को जिले भर में 610 लोगों को ही कोरोना से बचाव का टीका लग पाया। इसमें भी अधिकतर को कोवैक्सीन ही लगी। जबकि कोविशील्ड की डोज सुबह के समय ही खत्म हो गई थी। इस कारण ज्यादातर वैक्सीनेशन सेंटर से जनता को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। बता दें कि बुधवार को जिले भर में लगी 610 डोज में से 110 डोज कोविशील्ड की तो 500 डोज कोवैक्सीन की लगी। इसमें फ्रंट लाइन वर्कर में 2 को पहली डोज तो 21 को दूसरी डोज, 18 से 44 उम्र में 236 को पहली डोज तो 141 को दूसरी डोज, 45 से 60 उम्र में 52 को पहली तो 88 को दूसरी, 60 से अधिक वालों में 30 को पहली तो 38 को दूसरी डोल लग चुकी है। अभी तक जिले में 1 लाख 72 हजार 348 को दोनों डोज तो 4 लाख 89 हजार 615 को पहली डोज लगी है। अभी तक जिले में कुल 6 लाख 61 हजार 963 डोज लगाई जा चुकी है।
हम कोरोना की दूसरी डोज लगवाने के लिए आए थे। वैक्सीनेशन सेंटर में जाकर पता चला कि आज कोविशील्ड खत्म है। इसीलिए वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लग सकेगी। अब दोबारा सेंटर पर आना पड़ेगा।
- संजय।
पहली डोज लगवानी थी। जिससे पूछा था उसने कोविशील्ड लगवाने के लिए कहा था। जब वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंचे तो पता चला कि कोविशील्ड नहीं है। यह निर्णय नहीं लिया है कि कोवैक्सीन लगवाएं या नहीं।
- तरुण।
कोरोना से बचाव के लिए कोरोना की वैक्सीन जरूरी है। मैं तो कोरोना की पहली डोज लगवाने आया था। लेकिन सेंटर पर कोविशील्ड नहीं है। अब तो वैक्सीन लगवाने के लिए दोबारा से ही आना पड़ेगा।
- साहिल।
हमारी कोविशील्ड की दूसरी डोज है। वही लगवाने के लिए सेंटर पर आए थे। लेकिन यहां पता चल रहा है कि कोरोना की कोविशील्ड वैक्सीन ही नहीं है। अब किसी ओर दिन आकर कोविशील्ड लगवानी पड़ेगी।
- रमेश।