किसान नेता टिकैत के आह्वान पर अंबाला के 26 वर्षीय युवा किसान गुरप्रीत ने आधा एकड़ में खड़ी अपनी गेहूं की फसल पर मंगलवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे ट्रैक्टर फेर दिया। चंडीगढ़-हिसार हाईवे पर मानकपुर रकबे में किसान की करीब 7 एकड़ जमीन है। इसमें से उसने अभी आधे एकड़ में ही ट्रैक्टर फेरा था कि सूचना मिलने पर भाकियू जिला उपप्रधान गुलाब सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसान गुरप्रीत को समझाया और आक्रोश शांत किया। गुस्साए गुरप्रीत ने कहा कि इस साल मेरी शेष जो भी फसल होगी उसे मैं मंडी में नहीं बेचूंगा। चाहे मैं इसे गुरुद्वारा साहिब दूं या गरीबों में ही क्यों न दान करनी पड़े। जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते तब तक मंडी में फसल नहीं बेची जाएगी।
पिता का हो चुका है निधन
गुरप्रीत के पिता पृथ्वी सिंह का निधन ब्रेन हेमरेज के कारण कई वर्ष पहले हुए था। मां गुरमीत कौर के अलावा बहन मनप्रीत भी है। परिवार का जिम्मा गुरप्रीत ही उठा रहा है। गुरप्रीत इस समय अपना चाचा कुलवंत सिंह जोकि मानकपुर के सरपंच रह चुके हैं। गुरप्रीत की बहन की शादी हो चुकी है। गुरमीत के भी एक बेटा है।
गांव के पूर्व सरपंच ने फोन कर दी थी जानकारी
भाकियू उपप्रधान गुलाब सिंह ने बताया कि मुझे गांव के पूर्व सरपंच ने फोन कर सूचना दी थी कि उनका भतीजा गुरप्रीत गुस्से में आकर गेहूं की फसल नष्ट कर रहा है। सूचना मिलने पर मैं मौके पर पहुंचा और गुरप्रीत को समझाया। उसे कहा कि फसल को नष्ट करने से अच्छा तैयार होने पर गरीबों में वितरित कर देना है। तब जाकर उसका गुस्सा शांत हुआ।
- गुलाब सिंह, भाकियू उपप्रधान।