भाभी को एक थप्पड़ मारने की वजह से गुरमेज सिंह को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। भाई की हत्या करने के बावजूद गुरमेज को विधवा भाभी के घर आने जाने वाले लड़कों पर ऐतराज जताया था। इसी वजह से उसने अपना कत्ल होने से पहले भाभी फिर भतीजे के दोस्त संदीप को थप्पड़ मार दिया था। तब दोस्त ने सारी बात भतीजे मनजिंद्र सिंह मन्नी को बताई। इसके बाद ही उसकी हत्या करने की साजिश रची गई। पांच दिन तक चली पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस के सामने यह खुलासा किया है। रिमांड पूरा होने के बाद अब मुख्य आरोपियों को अदालत ने जेल भेजने के आदेश जारी किए हैं। पुलिस अब इस मामले में फरार मन्नी की मां और बहन की तलाश कर रही है।
रिमांड के दौरान पुलिस ने रौलों गांव के 37 वर्षीय गुरमेज सिंह की हत्या में इस्तेमाल स्कोर्पियो व तेजधार हथियार जब्त कर लिए हैं। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक गंडासी, तलवार व डंडा भी जब्त किया है। जब्त की गई स्कोर्पियो से ही आरोपियों से सबसे पहले गुरमेज को टक्कर मारकर उसकी दोनों टांगें तोड़ दी थी। इसके बाद उस पर तेजधार हथियारों से हमला कर उसे बुरी तरह जख्मी कर दिया था। बाद में उसने पीजीआई में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इस मामले में सीआईए स्टाफ-2 ने जांच के दौरान मुख्य आरोपी मनजिंद्र सिंह उर्फ मन्नी तथा उसके दोस्त संदीप सिंह को गिरफ्तार किया था। हत्या से जुड़े सबूत जुटाने के लिए पुलिस ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर लिया था।