अंबाला सिटी। गांव बरनाला में 26 अगस्त को अवैध संबंधों का आरोप लगाकर सीएम अवार्डी महिला और युवक के गले में जूतों का हार पहनाने और उन्हें पीटकर नाक रगड़वाने के मामले में हरियाणा महिला आयोग ने संज्ञान लिया है।
महिला की शिकायत पर आयोग की चेयरमैन कमलेश पंचाल अंबाला पहुंचीं। लेकिन यहां उस वक्त अजीब स्थिति बन गई, जब पुलिस ने उन्हें सकारात्मक सहयोग नहीं किया। पहले तो एक घंटे वे पुलिस थाना ही ढूंढती रही, इतना ही नहीं महिला थाने में भी पहले तो उन्हें कोई रिस्पांस ही नहीं दिया गया। दूसरा, उन्हें इस केस की फाइल तक नहीं दिखाई गई। करीबन एक घंटे बाद पुलिस को जिम्मेवारी का अहसास हुआ तो दो एसीपी व महिला थाना की प्रभारी ने चेयरमैन को इस केस की जानकारी दी। लेकिन चेयरमैन पुलिस के रवैये से असंतुष्ट दिखी। उन्होंने कहा कि वे अब अपने कार्यालय में ही नोटिस का केस की फाइल मंगवाएगी। चेयरमैन ने कहा कि उन्हें कुछ दिन पहले इस मामले की जानकारी मिली थी, इसी के चलते वह यहां मामले की जांच करने पहुंची थी। कमलेश ने कहा कि एक महिला को पूरे गांव में पीटा गया, उसका गले में जूतों का हार पहनाया गया, उसकी नाक रगड़वाई गई, ये सब बहुत ही गंभीर बात है। कोई गलती करता है तो उसके लिए पुलिस है, पंचायत ऐसा बर्ताव कैसे कर सकती है? इतना ही नहीं ये सारी वीडियो यूट्यूब पर भी अपलोड कर दी गई। इसलिए वे इस मामले की तथ्य जानने यहां आई थी और आयोग इस मामले में कड़ा संज्ञान लेगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में मानहानि और आइटी एक्ट के तहत कार्रवाई कराई जाएगी।
महिला थाने की कार्रवाई से नाखुश
महिला आयोग की चेयरपर्सन ने कहा कि वह महिला थाने की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना हो गई और अभी तक महिला की शिकायत पर एक भी एफआईआर महिला थाने ने दर्ज नहीं की है। ये सब क्या हो रहा है? उनके अनुसार महिला की शिकायत पर भी केस दर्ज होना चाहिए और इस मामले में महिला से बदसलूकी करनी वाली महिलाओं के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, जो वीडियो में महिला को पीटती और जूतों का हार पहनाती दिख रही है।
चेयरमैन के आते ही गांव पहुंची पंजोखरा पुलिस
इधर महिला आयोग की टीम जब अंबाला पहुंची तो इस मामले में अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए पंजोखरा पुलिस और सीआईए की टीम भी एकदम से हरकत में आ गई। टीम अपना दलबल लेकर तुरंत गांव बरनाला पहुंच गई। इस दौरान टीम ने सरपंच की तलाश मेें कई जगह छापेमारी की। इसी को लेकर गांव में तनाव का माहौल बन गया। लेकिन पुलिस की ये तमाम छापेमारियां खराब गई। पुलिस सरपंच को नहीं ढूंढ पाई।
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पुलिस ने किया पूरा सहयोग, आरोप निराधार
डीसीपी डॉ. अरुण सिंह का कहना है कि पुलिस महिला आयोग की चेयरमैन को पूरा सहयोग किया है। दो एसीपी, महिला थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस कर्मियों ने उनसे बातचीत की, उनके सवालों के जवाब दिए और अन्य प्रकार की हर कार्रवाई में सकारात्मक रवैया रखा। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर पुलिस बहुत ज्यादा गंभीर है। तीन आरोपी काबू कर लिए गए हैं, जबकि सरपंच की तलाश में भी छापेमारी की जा रही है। सरपंच समेत इस मामले में जितनी भी आरोपी है, पुलिस किसी को नहीं छोड़ेगी।
यह है मामला
अगस्त की 26 तारीख को गांव बरनाला में ग्रामीणों के कहे के अनुसार एक युवक व महिला को गांव में संदिग्ध हालत में घूमते पकड़ा गया था। उसके बाद इन दोनों पर अवैध संबंधों का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने दोनों को अपराह्न तक वहीं गांव के चौराहे पर बिठाकर सार्वजनिक रूप से पीटा, उसके गले में जूते का हार पहनाया, उनसे नाक रगड़ कर माफी तक मंगवाई। इस दौरान सूचना मिलने पर पंजोखरा पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन पुलिस के सामने ही ग्रामीणों ने यह काम जारी रखा और पुलिस वहां खड़ी पहले तो सब कुछ देखती रही और फिर लौट गई। लेकिन अब युवक व महिला ने ग्राम सरपंच और अन्य आरोपियों के खिलाफ पुलिस व महिला आयोग में शिकायत दी है।
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ऐसी बात नहीं है, पुलिस पहले ही इस मामले में गंभीर है। सरपंच की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दलबल के साथ गांव में दबिश देने गई थी, लेकिन सरपंच नहीं मिला। पुलिस इस मामले में अन्य आरोपियों को जल्द काबू कर लेगी।
-नसीब सिंह, थाना प्रभारी पंजोखरा