जीतू व मनीष की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें तुरंत चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। दोनों के शरीर पर कई जगह गोली व छर्रों के गहरे जख्म बताए जा रहे हैं। हमले के बाद भारी संख्या में युवक जमा हो गए थे। स्थिति न बिगड़े इसलिए पुलिस ने भी अस्पताल में मोर्चा संभाल लिया था।
पुरानी रंजिश के चलते हुआ हमला
गोली लगने के कारण बुरी तरह जख्मी हुए ग्वालमंडी के जीतू की चिड़ीमार मोहल्ले के रणधीर सिंह, सौरभ उर्फ मऊ, रामकिशन कॉलोनी के गप्पू तथा कच्चा बाजार के अज्जू से रंजिश चल रही है। दोनों गुट पहले भी कई बार आमने सामने हो चुके हैं। जीतू व उसके साथियों के खिलाफ कैंट पुलिस ने दो महीने पहले भी अपहरण व मारपीट का मामला दर्ज किया था।
इसी वजह से जीतू जेल में बंद था। बुधवार को ही उसे जमानत पर रिहाई मिली थी। हमले के पीछे पुलिस भी रणधीर, सौरव उर्फ मऊ ,गप्पू व अज्जू का ही हाथ होने का शक जता रही है। पता चला है कि जीतू की हत्या करने के मकसद से ही यह हमला किया गया है। हमले की सूचना मिलने के बाद अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। डीएसपी रामकुमार के साथ सीआईए स्टाफ, डिटेक्टिव स्टाफ व एसएचओ कैंट भी मौके पर पहुंच गए थे। इसके तुरंत बाद हमलावरों की तलाश में नाकाबंदी शुरू कर दी गई।
विजय शर्मा की दुकान के बाहर हुई वारदात, सीसीटीवी में कैद
यह वारदात शर्मा फोटो स्टूडियो के संचालक विजय शर्मा जोकि इस समय जेल में हैं की दुकान के बाहर हुई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। समाचार लिखे जाने तक पुलिस सीसीटीवी खंगालने में जुटी थी।
रंजिश को लेकर यह हमला हुआ है। पहले भी दोनों गुटों के बीच कई बार टकराव हो चुका है। इस सिलसिले में पुलिस केस भी दर्ज कर चुकी है। जीतू की हत्या करने की नीयत से ही यह हमला हुआ है। शक के आधार पर जीतू से रंजिश रखने वालों पर केस दर्ज किया जा रहा है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें लगा दी गई हैं। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे। रामकुमार, डीएसपी, अंबाला कैंट