सोमवार को अंबाला सिटी की अनाज मंडी में जिला बाल संरक्षण अधिकारी और जिला चाइल्डलाइन की टीम ने छापामारी कर छह बाल मजदूरों को मुक्त कराया। यह सभी अनाज मंडी में धान के सीजन में काम कर रहे थे। सभी बच्चे बिहार और उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं। फिलहाल बच्चों को ओपन शेल्टर होम में भेजा गया है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी व चाइल्डलाइन की टीम को सूचना मिली थी कि अंबाला सिटी की अनाज मंडी में बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है। धान का सीजन होने के कारण इन बच्चों को मजदूरी पर लगाया गया है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी मेघा सिंगला, लीगल अधिकारी अंकित आहलूवालिया, चाइल्डलाइन कोआर्डिनेटर दीपिका सिंगला टीम मेंबर अजय तिवारी के साथ टीम बना कर छापामारी करते हुए पूरी अनाज मंडी में रेकी की। इसमें अलग-अलग स्थानों पर छोटे बच्चे पाये गए। सभी से बच्चों के बारे में पूछा गया तो सही जवाब नहीं दे पाने पर सभी बच्चों को टीम अपने साथ ले आई। बच्चों से पूछे जाने पर बताया सभी उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। टीम द्वारा बच्चों को मेडिकल चेकअप के लिए सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया। मेडिकल के बाद मामले को बाल कल्याण समिति चेयरपर्सन डॉ. शविंदर कौर और सदस्य परमजीत सिंह बडौला के सामने रखा गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी मेघा सिंगला ने अनाज मंडी में मौजूद लोगों से बाल मजदूरी को रोकने में सहयोग की अपील की। उन्होंने लोगों को बताया गया की बच्चों से मजदूरी करवाना अपराध है बालक का भविष्य निर्माण सरकार का ही नहीं समाज का भी कर्तव्य है। जिले में लोगों को बाल संरक्षण में सहयोग देना होगा। बाल संरक्षण टीम द्वारा अनाज मंडी में जल्द ही जागरूकता शिविर लगाया जाएगा ताकि बाल मजदूरी की रोकथाम में मदद मिल सके।
जिले में बाल मजदूरी के विरोध में और बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बाल मजदूरी कराना दंडनीय अपराध है। लोगों को मानसिकता बदलनी होगी। इस मामले में बच्चों को ओपन शेल्टर होम में भेजा गया है, जबकि मंगलवार को मीटिंग के बाद कार्रवाई की जाएगी।-परमजीत सिंह बडौला, सदस्य, बाल कल्याण समिति, अंबाला