साइबर अटैक की आशंका को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सोमवार हाई अलर्ट जारी कर दिया। इसका असर अंबाला में विभिन्न विभागों में भी देखने को मिला, जहां पर कर्मचारियों व अधिकारियों को सावधानीपूर्वक काम करने के निर्देश दिए गए थे। विभागों में दोपहर 12 बजे के बाद आनलाइन काम न के बराबर हुए। इससे अपना काम करवाने के लिए पहुंचने वाले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
इस तरह पहुंची थी विभागों में सूचना
दरअसल, अंबाला कैंट व सिटी के विभिन्न विभागों में चड़ीगढ़ हैडक्वार्टर से साइबर अटैक के चलते अलर्ट रहने की सूचना मिली थी। इसके बाद सुबह से ही वायरस को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। अधिकतर विभागों का पूरा डाटा व कार्य ऑनलाइन होने के कारण विभागों में सिस्टमों पर ही काम किया जाता है। जैसे ही सिस्टम बंद की सूचना विभागों में पहुंची तो काम को बंद कर दिया और विभागों के बाहर वेबसाइट में तकनीकी खराबी आने के कारण काम प्रभावित के नोटिस चस्पा कर दिए गए थे। केवल विभागों में तो केवल महत्वपूर्ण कार्य करने के लिए सिस्टमों के इस्तेमाल की निर्देश दिए थे, ताकि किसी भी तरह से सिस्टमों में कोई खराबी न आ सके।
वाहन पंजीकरण व लाइसेंस ब्रांच का काम लटका
साइबर अटैक की सूचना का असर एसडीएम व तहसील कार्यालय में देखने का मिला। जहां पहुंचने के बाद से ही सिस्टम को बंद दिया गया और कार्यालय के मुख्य विंडो पर सिस्टम बंद होने के नोटिस लगा दिए गए थे। इससे दिन भर वाहनों की आरसी बनाने, लाइसेंस बनाने का पूरी तरह से प्रभावित रहा। मजबूरन दूरदराज के क्षेत्रों से पहुंचने वाले लोगों को बिना काम के वापिस लौटना पड़ा।
उधर, कार्यालय में काम के लिए पहुंचने वाले आदित्य वशिष्ट, नरेंद्र कुमार, अश्वनी चोपड़ा का कहना है कि खुड्डा से लाइसेंस बनवाने के लिए पहुंचे थे। जब वह कार्यालय पहुंचे तो देखा काम बंद होने के नोटिस लगने हुए थे। इस काम के लिए उन्होंने अपने आफिस व जरूरी काम छोड़कर पहुंचे थे। जिस कारण काफी परेशानी हुई। इसके अलावा आरटीए कार्यालय का काम भी प्रभावित रहा। जहां दिनभर लोग अपने काम को लेकर चक्कर काटते रहे और साइट बंद होने की सूचना से परेशानी होकर वापस लौट गए।
सरकार के निर्देश पर ऑनलाइन काम बंद
प्रदेश सरकार के निर्देश पर एसडीएम कार्यालय के ई-दिशा और तहसील कार्यालय का सिस्टम से ऑनलाइन काम बंद कर दिया था। ताकि वायरस से ऑनलाइन करते समय नुकसान न हो सके। हालांकि इस फरमान से उपभोक्ताओं को थोड़ी परेशानी तो हुई, परंतु उपभोक्ताओं ने असुविधा के कारणों को समझा।
- सुभाष सिहाग, एसडीएम, अंबाला