अंबाला सिटी। पहले वकीलों के चैंबर कांप्लेक्स में हुई चोरी और फिर चैंबर कांप्लेक्स में ही लगे एटीएम से रुपयों के चोरी होने की वारदात के खिलाफ शुक्रवार को वकील भड़क गए। इसी को लेकर जिला बार एसोसिएशन भी लामबंद हो गई और सभी वकीलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली के विरोध में कामकाज ठप कर वर्क सस्पेंड कर दिया।
सभी भड़के वकीलों ने चैंबर कांप्लेक्स में ही एकत्र होकर खूब हंगामा किया। वकीलों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया और कामकाज छोड़कर धरना दिया। वकीलों की इस हड़ताल की वजह से अदालती कामकाज भी ठप हो गया। दूरदराज से आए मुवक्किलों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई मामलों में तो वर्क सस्पेंड की वजह से अगली तारीखें देनी पड़ीं।
लेकिन वकील अपनी मांगों पर अड़े रहे और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कामकाज छोड़कर बैठे रहे। वकीलों का आरोप है कि पुलिस जब वकीलों की चोरी संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर रही तो आम लोगों की शिकायतों के प्रति पुलिस का क्या रवैया रहता होगा? अदालत का समय खत्म होने तक वकीलों ने कामकाज ठप रखा और अंतत: मुवक्किलों को लौटना पड़ा।
यह था मामला
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट रोहित जैन ने बताया कि वकीलों के चैंबर में 12 अगस्त को एक चैंबर में से दो महिला वकीलों के पर्स चोरी हो गए थे। उसमें उनके एटीएम, मोबाइल व अन्य जरूरी दस्तावेज थे। एडवोकेट जैन के अनुसार इसकी शिकायत तुरंत इलाका पुलिस को दे दी गई थी। लेकिन उसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
उनके अनुसार उसके बाद दोनों महिला वकीलों के एटीएम के जरिये अकाउंट में से दो बार दस-दस और एक-एक हजार रुपये भी निकल गए। इस पर पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। एडवोकेट जैन के अनुसार फिर कुछ दिन पहले संदिग्ध महिला चैंबर कांप्लेक्स में घूमती हुृई मिली, तो उसे वकीलों ने ही पकड़ कर उसके यूं घूमने का कारण पूछा। जब पुलिस की मौजूदगी में उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से महिला वकीलों के चुराए गए बैग, एटीएम कार्ड समेत अन्य समान भी बरामद हुआ। बाद में महिला ने चोरी की घटना को स्वीकार भी कर लिया और पुलिस उसे पकड़कर ले गई।
इस बात पर भड़के वकील
एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट जैन ने बताया कि नाराजगी इसलिए है कि वकीलों ने खुद चोरी की आरोपी महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। लेकिन पुलिस ने चोरी की घटनाओं पर तब तक कोई भी कार्रवाई नहीं की। इतना ही नहीं पुलिस ने एफआईआर दर्ज करना भी उचित नहीं समझा।
अध्यक्ष के अनुसार उसके बाद चोरी की इस आरोपी महिला ने मौके पर ये भी बताया था कि उसके साथ इस वारदात में दो और लोग भी शामिल हैं। लेकिन पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर फटाफट केस दर्ज किया और उसका रिमांड लेकर अन्य आरोपियों तक पहुंचने की बजाय, कमजोर पैरवी की और महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इसी बात से खफा वकीलों ने हंगामा करते हुए कामकाज ठप कर दिया और पुलिस एफआईआर दर्ज करने में लेटलतीफी करने वाले संबंधित पुलिस कर्मचारी को सस्पेंड करने और अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए महिला को रिमांड में लेकर पूछताछ करने की मांग की। इस बाबत वकीलों का प्रतिनिधिमंडल डीसीपी और एसीपी से भी मिला और अपना मांगपत्र उन्हें सौंपा। वकीलों ने पुलिस अफसरों ने इस मामले की जांच उच्च अधिकारी से करवाने की भी मांग की।
जजों की कोठियों में चोरी की वारदात भी नहीं सुलझी
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट रोहित जैन के अनुसार कुछ समय पूर्व न्यायाधीशों की कोठी तक में भी चोरी की वारदात हुई थीं। उसकी गुत्थी भी आज तक पुलिस नहीं सुलझा पाई। इस मामले में भी वकीलों की शिकायत पर तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि वकीलों ने ही चोरी की महिला आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा। लेकिन उस महिला के अन्य साथियों तक पहुंचने का काम भी पुलिस नहीं कर पाई। उनके अनुसार जब चोरों से न्यायाधीश व वकील ही सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी के क्या हालात होते होंगे?
उनके अनुसार इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली से वकील बहुत ज्यादा नाराज हैं। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के उपप्रधान एडवोकेट विनोद भारद्वाज, सचिव राजेश शर्मा, अनु सरीन, नम्रता गौड़, नीतेश साहनी, एडवोकेट संदीप सचदेवा, नरेंद्र सिंह सांगवान, विजय धीमान, मिथुन वर्मा, हरजीत संधू, ज्ञान सिंह संधू, डीएस पूनिया, नवनीत कौर, अमिता वर्मा, रीता सूरी, अलका शारदा, जसविंद्र सिंह, सुभाष हांडा, निखलेश भागी आदि वकीलों ने भी चोरी की घटनाओं पर रोष व्यक्त किया।
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वकीलों का प्रतिनिधिमंडल अफसरों से मिला था। चोरी का केस दर्ज हो गया है। आरोपी महिला से चोरी की हुई राशि में से कुछ हजार रुपये रिकवर भी हो गए हैं। पुलिस ने जांच के बाद अपना पूरा काम किया है, लेकिन फिर भी वकीलों की मांग पर ये केस सीआईए को आगामी जांच व कार्रवाई के लिए ट्रांसफर कर दिया गया है।
- हितेश यादव, एसीपी हेडक्वार्टर, अंबाला पुलिस
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धरने, नारेबाजी पर पुलिस का शिकंजा
पुलिस उपायुक्त अंबाला शहरी डॉ. अरुण सिंह ने धारा 144 के तहत आदेश जारी करके जनसभा, नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन के लिए स्थान निर्धारित किए हैं। उन्होंने बताया कि जगह-जगह पर धरना-प्रदर्शन और जनसभा व नारेबाजी के आयोजन से जन-जीवन प्रभावित होता है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि इस तरह के धरने-प्रदर्शन व जनसभाएं गांधी मैदान अंबाला छावनी और हुडा मैदान सेक्टर आठ अंबाला शहर में किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन स्थानों को छोड़कर अन्य स्थानों पर धरने-प्रदर्शन और जनसभाएं नहीं की जा सकतीं। उन्होंने आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं और कहा कि आदेशों की अवहेलना करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।