एसटीएफ अंबाला की टीम ने हिमाचल के जिला कांगड़ा से आरोपी को काबू किया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पंजाब, हिमाचल, सहारनपुर आदि जगह ठिकाने बदल रहा था।
यमुनानगर के रादौर में वर्ष 1995 में अपने साथियों के साथ मिलकर दंपति से मारपीट कर लूट के मामले में फरार चल रहे आरोपी को अंबाला एसटीएफ की टीम ने काबू कर लिया है। आरोपी ओमप्रकाश पर 5 हजार रुपये का ईनाम भी रखा हुआ था और इलाका पुलिस के लिए इसकी गिरफ्तारी सिरदर्द बनी हुई थी। ओमप्रकाश की पुलिस पिछले 28 साल से तलाश कर रही थी।
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अंबाला एसटीएफ ने आरोपी को पकड़ने के बाद यमुनानगर की रादौर पुलिस को ही सौंप दिया। आगामी कार्रवाई इलाका पुलिस अमल में लाएगी। एसटीएफ अंबाला के उप पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने बताया कि आरोपी ओमप्रकाश गिरफ्तारी से बचने के लिए पजांब, हिमाचल, सहरनपुर, मेरठ, दिल्ली आदि शहरों में बार-बार ठिकाने बदलता रहता था।
सूचना मिलने के बाद सुरेंद्र सिंह, दलजीत, बलवान, सिपाही राहुल कुमार की टीम का गठन किया और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के जिला नुरपुर से काबू किया। बता दें कि आरोपी ओमप्रकाश ने अपने तीन अन्य साथियों के संग मिलकर वर्ष 1995 में यमुनानगर के रादौर में रात्रि के समय लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस दौरान दंपति के विरोध करने पर उनसे मारपीट भी की गई थी। चोटें लगने पर व्यक्ति की मौत हो गई थी।