मुलाना के धीन गांव की नाबालिग को आरोपी ढ़ाई साल पहले घर से भगाकर ले गया फिर उसकी हत्या कर दी। इससे पहले बच्ची से मिलने को उसकी मां मुलाना पुलिस के दरवाजे पर भटकती रही, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मां को कोर्ट की शरण में जाना पड़ा तब जाकर पुलिस ने आरोपी को खोजना शुरू किया। पुलिस ने जब आरोपी सचिन को पकड़ा तो हत्या का राज भी डेढ़ वर्ष बाद शनिवार को खुला।
मृतका माही की मां ने बताया कि वह साहा में कार्य करती थीं। तब आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली उनकी बेटी की उम्र 17 वर्ष की थी। इसी दौरान आरोपी सुहाना गांव निवासी सचिन ने बेटी को अपनी बातों में फंसा लिया। ढ़ाई साल पहले वह उसे अपने साथ भगाकर ले गया। उन्होंने मुलाना थाने में इसकी शिकायत दी।
मां का आरोप है कि पुलिस ने बेटी को बरामद भी कर लिया मगर उस समय पुलिस ने लिव इन की बात कहकर आरोपी के साथ ही बेटी को भेज दिया। इसके कुछ दिन बाद अचानक से बेटी से बात बंद हो गई। एक दिन आरोपी सचिन दूसरी महिला के साथ मोटरसाइकिल पर दिखा तो मां को शक हो गया। उन्होंने पुलिस से बेटी खोजने को कहा मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
अंत में पीड़ित मां अधिवक्ता अंजू शर्मा के माध्यम से कोर्ट तक दरवाजे पर पहुंचीं। यहां कोर्ट ने सख्त आदेश दिए तो पुलिस ने आरोपी को खोजना शुरू किया। अब जाकर आरोपी और उसका एक साथी मुलाना पुलिस ने पकड़ा है। मुख्य आरोपी सचिन ने पुलिस के सामने माही की हत्या की बात कुबूली है। पुलिस इस गुत्थी से जुड़े अन्य तथ्य प्राप्त करने को आरोपियाें से पूछताछ कर रही है।