फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस की अलर्ट के बाद भी युवक व नवविवाहिता का अपहरण कर बेखौफ हाईवे पर घूमते रहे दरिंदे

विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस अलर्ट के बावजूद दंपति का अपहरण कर हाईवे पर बेखौफ घूमते रहे दरिंदे
विज्ञापन

आलोक सिंह रघुवंशी
अंबाला कैंट। प्रदेश में लगातार हो रहे गैंगरेप के बाद कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस की अलर्ट के बाद भी दरिंदे तीन गाड़ियों में नवविवाहित दंपति को लेकर हाईवे पर घूमते रहे। इस दौरान आरोपियों ने नवविवाहिता से गैंगरेप भी किया। बड़ा सवाल यह है कि अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने वीटी करा दी थी तो आरोपियों की गाड़ी अंबाला से कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, रोहतक होते हुए बहादुरगढ़ कैसे पहुंची। इस दौरान पुलिस के कई नाके आए होंगे, फिर भी गाड़ियों को क्यों नहीं रोका गया।
रेलवे कॉलोनी में बुधवार देर शाम मारपीट, लूटपाट और अपहरण के मामले ने वीरवार को तब नया मोड़ ले लिया, जब अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर युवक व उसकी पत्नी ने पुलिस को सारी सच्चाई बताई। नवविवाहिता का मेडिकल कराने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। उसने जज को दिए बयान में बताया कि आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया। इस दौरान दोनों को बुरी तरह पीटा भी गया। बता दें कि पहली पत्नी निशा व उसके परिजनों ने युवक द्वारा दूसरी शादी करने से खफा होकर दो गाड़ियों में रेलवे कॉलोनी स्थित घर पर हमला बोल दिया था। उस समय घर में युवक, उसकी पत्नी व मां मौजूद थी। आरोपियों ने तीनों के साथ मारपीट की और दंपति का अपहरण कर लिया था।
विज्ञापन

------------------------
अपहरण, मारपीट व लूटपाट की कहानी युवक की जुबानी
बुधवार देर शाम 7.15 बजे का समय था। घर पर मैं, पत्नी व मां मौजूद थीं। तभी तलाकशुदा पत्नी निशा व उसके परिजन दो गाड़ियों में आ धमके। निशा के अलावा पिता हवा सिंह, मां पुष्पा, भाई नवीन व प्रवीन, उसके मामा मंजीत व जरनैल, चाची व अन्य लोग थे। उन्होंने दरवाजा खोलते ही मारपीट शुरू कर दी। निशा ने पीछे के दरवाजे की कुंडी लगा दी। निशा व उसकी मां मेरी मां और दूसरी पत्नी को पीटने लगीं। इस दौरान मां की चेन खींच ली तो पत्नी की ज्वेलरी छीन ली। ससुर हवा सिंह जब नवविवाहित पत्नी को मारने लगे तो वह गुंडों से हाथ छुड़ाकर उसे बचाने गया। इसके बाद ससुर, प्रवीण व नवीन मुझे पीटने लगे। निशा ने उसकी पत्नी के बाल पकड़कर बाहर तक खींचा। दो-तीन लोगों ने रिवॉल्वर के बल पर हाथापाई की और गाड़ी में डालने लगे। जब उसने विरोध किया तो मुंह पर कई मुक्के मारे, जिस कारण खून बहने लगा। उस समय मैं होश में नहीं था और उसी का फायदा उठाकर उन्होंने मुझे गाड़ी में बिठा लिया। रास्ते में मारपीट की और गाड़ी सीधे पानीपत में पार्क हॉस्पिटल के पास रोकी। वहीं पर इनकी तीसरी गाड़ी भी थी, जिसमें कुछ लड़के उतरकर पत्नी की गाड़ी में बैठ गए। इस दौरान उन्होंने उससे गलत काम किया और उसको धमकी दी कि वह भी तलाक दे दे अन्यथा बुरा होगा। निशा के परिजनों ने इस दौरान मकान, ज्वेलरी, गाड़ी व नकदी की मांग की। इसके बाद उन्होंने रोहतक में सुनसान स्थान पर गाड़ी रोकी, जहां पर पिता का फोन आया तो आरोपियों में से किसी ने उठाया। इसके बाद उन्होंने पत्नी से कहा कि वे तुझे अंबाला भेज देंगे, लेकिन तेरे पति को नहीं। इस पर उसने बहादुरी दिखाते हुए कहा कि जब तक मेरा पति साथ नहीं जाएगा तब तक वह भी नहीं जाएगी। इस दौरान उनके रिश्तेदार वकील व सीबीआई के कर्मचारी ने उनसे बातचीत की। उन्हें जब पता चला कि निशा से मेरा तलाक हो चुका है तो उन्होंने मदद की। इसके बाद निशा के परिजनों ने उन्हें बहादुरगढ़ बस स्टैंड पर करीब साढ़े 12 बजे गाड़ी से उतार दिया। वह कैब बुक करके करीब ढाई बजे पानीपत बस स्टैंड पहुंचे, जहां पर परिजन व सीआईए की टीम पहले से मौजूद थी। वहां पर पूछताछ के बाद पुलिस की टीम पिता के साथ गुड़गांव चली गई और हम दोनों सुबह छह बजे अंबाला आ गए।
-------------
मां को इतना मारा कि बेहोश हो गई
युवक की मां ने बताया कि वह आरपीएफ से कांस्टेबल के पद से रिटायर्ड है। उसकी किडनी खराब है। हफ्ते में दो-तीन बार डायलिसिस होता है। निशा ने उसके डायलिसिस वाले स्थान की पिटाई करके क्षतिग्रस्त कर दिया है। साथ ही उसकी छाती पर कई बार मुक्के मारे हैं। जब वे बेटा व बहू को लेकर जा रहे थे तो वह बाहर आई तब भी काफी पिटाई की। इस दौरान वह बेहोश हो गई। वह करीब एक घंटे तक वहीं पड़ी रही। पड़ोसियों के आने पर उसे होश आया और इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। इस दौरान बदमाशों ने उसकी चेन व बहू की ज्वेलरी छीन ली।
विज्ञापन

--------------------
थाने में बैठे रहे कई घंटे
वीरवार सुबह दस बजे युवक, उसकी पत्नी व परिजन करीब दस बजे पड़ाव थाना पहुंच गए। करीब दो बजे तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने पुलिस से बात की तो उन्होंने मेडिकल कराने के लिए महिला थाना से महिला एएसआई को बुलवाया। इस दौरान सभी लोग थाना परिसर में बैठे रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें