नारायणगढ़। कस्बे में धड़ल्ले से चल रहे तीन स्क्रीनिंग प्लांटों पर खनन विभाग ने कार्रवाई की है। तीनों स्क्रीनिंग प्लाटों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस में मामले दर्ज करवाए हैं। इनमें दो स्क्रीनिंग प्लांटों पर तो प्रशासन ने बगैर अनुमति के चलाने पर सील लगाई थी। इसके बावजूद प्लांटों को सील तोड़कर चलाया गया। गौर हो कि एसडीएम अदिति ने निरीक्षण के दौरान मियापुर, संघरानी व राउमाजरा स्क्रीनिंग प्लाटों पर सील लगाई थी। क्षेत्र में अभी भी 80 के करीब स्क्रीनिंग प्लांट बिना परमिशन के चल रहे हैं।
खनन विभाग के जिला अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि खनन विभाग की टीम, जिसमें खनन निरीक्षक बलराम सिंह, खनन रक्षक जय प्रकाश, दाता राम दयाल सिंह व रोशन लाल ने आठ जुलाई को गांव राउमाजरा में स्क्रीनिंग प्लांटों का निरीक्षण किया था। इस दौरान मौके पर खान स्क्रीनिंग प्लांट पर अनुमानित 500 मिट्रिक टन ग्रेवल बोल्डर बजरी व रेत का स्टॉक पाया गया। प्लांट के लिए मालिक ने लाइसेंस नहीं लिया था। इसी तरह बिना लाइसेंस के गांव राउमाजरा में आरआर स्क्रीनिंग प्लांट, महादेव ग्रेवल प्लांट अवैध खनन कर रहे थे। इन पर ग्रेवल बोल्डर बजरी व रेत का स्टॉक मिला था।
पुलिस चौकी हुड्डा के इंचार्ज बलकार ने बताया कि पुलिस ने खनन अधिकारी भूपेंद्र सिंह की शिकायत पर राउमाजरा निवासी स्क्रीनिंग प्लांट के मालिक रसीदा, आरआर स्क्रीनिंग प्लांट के मालिक सलामुद्दीन और महादेव, मुस्ताक के खिलाफ धारा 188ए व 379 के तहत मामले दर्ज किए हैं।
गौरतलब है कि क्षेत्र के गांव संघरानी, मियापुर, राउमाजरा, टोका, चचीमजरा, शाहपुर, हमीदपुर, डेरा, छोटी रसौर में 80 के करीब ऐसे स्क्रीनिंग प्लांट हैं, जो धड़ल्ले से चल रहे हैं। पहले करीब दो दर्जन के पास प्रदूषण विभाग की परमिशन थी, लेकिन अब कई ऐसे हैं जो बिना परमिशन के चल रहे है। इनपर किसी तरह का शिकंजा विभाग द्वारा नहीं कसा गया।