अंबाला सिटी। कोर्ट के बक्शीखाने (हवालात) में हवालाती हन्नी ने आत्महत्या की कोशिश की। उसने लोहे के गेट में सिर मारकर स्वयं को इसलिए चोटिल कर लिया क्योंकि सुरक्षाकर्मी उसे नियमों का हवाला देकर भांजी से मिलने नहीं दे रहे थे। उसने बचाव करने आए मुलाजिमों को गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी तक दे डाली। बंदी गार्द इंचार्ज इएसआई जितेंद्र कुुमार की शिकायत पर आत्महत्या के प्रयास व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया। सरकारी अस्पताल में मेडिकल के बाद उसे वापस न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूछताछ के लिए जल्द प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार जेल से 14 बंदियों को पेशी पर कोर्ट लाया गया था। सभी को बक्शीखाने में बंद कर दिया गया। अदालत से आवाज पड़ने पर बारी-बारी पेश किया जा रहा था। 25 मई को कैंट के महेशनगर थाने में दर्ज चोरी केस में हन्नी का केस विचाराधीन है। वह बीडी फ्लोर मिल के पीछे प्रगति विहार में किराएदार है। उसी समय हन्नी ने मुलाजिमों से कहा कि उसे भांजी से मिलवा दिया जाए। सुरक्षाकर्मियों ने कहते हुए इनकार कर दिया कि कानून इसकी इजाजत नहीं देता। यहां पर किसी की भी मुलाकात नहीं कराई जा सकती। गुस्से में आए हन्नी ने अपना सिर लोहे के गेट में मारना शुरू कर दिया। समझाने पर भी नहीं माना। इएचसी कुलविंदर ने रोकने की कोशिश की तो उसे गालियां दी। उसका हाथ पकड़कर भीतर खींचते हुए चिल्लाने लगा कि भांजी से मिलवाओ, खुद मरूंगा या फिर मुलाजिमों को जान से मार दूंगा। काफी मशक्कत के बाद उसे रोका गया। एएसआई सुलतान सिंह के अनुसार हन्नी ने बक्शीखाने में सुसाइड की कोशिश की है। मामले की तफ्तीश जारी है।