अंबाला। एलोविरा जूस की आड़ में गुजरात ड्राइपोर्ट पर शराब की अवैध तस्करी हो रही है। यह खेल उस समय उजागर हुआ जब ट्रक में लोडिंग के समय एक पेटी मजदूर के हाथ से छूट गई। पेटी खोलने के बाद इसमें अंग्रेजी मार्का की शराब की बोतलें बरामद हुई। मजदूरों ने तुरंत इसकी सूचना ट्रांसपोर्ट मालिक को दी। अब मामले की तहकीकात पुलिस कर रही है।
गांधी मार्केट स्थित वासन ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक संदीप वासन ने बताया कि उनकी गाड़ियां देश के अलग-अलग हिस्सों में सामान भेजने का कार्य करती है। पिछले लगभग डेढ़ महीन से एक नया व्यापारी उनके साथ फोन पर जुड़ा है जो मंडोर गांव से काफी सामान लोड कर चुका है। इससे पहले भी लगभग 10-11 वाहन लोडकर वह बिहार और गुजरात भिजवा चुका है। इसमें एलोविरा से जुड़ा सामान भेजा गया था। लेकिन शुक्रवार जो सामान ट्रक में लोड किया गया, उससे सबके होश उड़ गए।
बिल में एलोविरा प्लप, पेटी में शराब
ट्रक मालिक गांव टुंडली निवासी गुरविंदर सिह ने बताया कि मंडोर गांव में जहां ट्रक लोड हो रहा था, वहां से लगभग साढ़े चार टन माल गुजरात के बड़ौदा पहुंचाना था। जब अंतिम पेटी चढ़ाने के बाद तिरपाल लगाकर रस्सी बांधी जा रही थी तो मजदूर के हाथ से एक पेटी ट्रक से नीचे गिर गई। जब मजदूर ने पेटी उठाई तो इसके अंदर से शराब की बदबू आ रही थी। पेटी खोलने पर इसके अंदर अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद हुई। यह जानकारी ट्रक चालक अर्जुन ने भी दी।
1.60 लाख का माल, लाखों की शराब
ट्रक में जिस एलोविरा प्लप/जूस को भेजा जा रहा था। उसका बिल कुलदीप नगर का बना हुआ था। लगभग 150 पेटियां ट्रक में लोड की गई थी। ट्रक चालक अर्जुन ने बताया कि पेटियां इस प्रकार से पैक की गई थीं कि उसे देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल था कि इसमें क्या है, पेटी से खुशबू भी आ रही थी। इस माल की कीमत बिल के हिसाब से 1.60 लाख रुपये दर्शायी गई थी। लेकिन अगर इन सबमें शराब की पेटियां हुई थी तो यह कई लाखों रुपये का माल हो सकता है।
गुजरात व बिहार हैं ड्राइपोर्ट
संदीप ने बताया कि गुजरात और बिहार ड्राइपोर्ट हैं। यहां शराब की सप्लाई पूरी तरह से बैन है। अगर कोई शराब लेकर जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई व भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान है। एक बोतल पकड़े जाने पर भी कम से कम 10 हजार रुपये जुर्माने के तौर पर देने पड़ते हैं।
मामला संज्ञान में आया था। ट्रांसपोर्टर की तरफ से शिकायत मिली थी। ट्रक कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। जिस फोन से संपर्क हुआ था, उसका नंबर लेकर पड़ताल की जा रही है। ट्रक की पेटियों में क्या है, यह जांच के बाद ही सामने आ पाएगा। -विजय कुमार, सदर थाना प्रभारी।