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दो प्रेमिका के पति व ठगों को फंसाने के लिए देशभर में धमाकों के पत्र से रचा था चक्रव्यूह

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डीएसपी कार्यालय में आरोपी विशाल को लेकर खड़ी पुलिस - फोटो : Ambala
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अंबाला। अयोध्या, दिल्ली, पंजाब व अंबाला को बम से उड़ाने की साजिश प्रकरण की गुत्थी पुलिस 48 घंटे के भीतर सुलझाकर मास्टरमाइंड विशाल को धर दबोचा। विशाल अंबाला शहर के गांव बाड़ा का रहने वाला है।
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आरोपी ने प्यार में धोखा खाने और खुद को आर्मी का जवान बताकर उससे 3200 रुपये की चपत लगवाने वालों को फंसाने के लिए जासूस मोनिका के नाम से पत्र लिखा था। इस डीएसपी रामकुमार ने सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान यह खुलासा किया। जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं उन्हें भी शामिल जांच कर आगे की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
जुलाई में विशाल के साथ हुई थी ठगी
आरोपी विशाल ( पत्र में खुद को जासूस मोनिका बताने वाले ) ने बताया कि जुलाई 2020 में ओएलएक्स पर एप्पल 5 एक्स मोबाइल व एक्टिवा की बिक्री देखकर उसने खरीदने का मन बनाया था। जुलाई माह में उसे मोबाइल खरीदने के लिए देखा तो बेचने वाले ने आर्मी की वर्दी डाल रखी थी। इसी आड़ में उससे 3200 रुपये ठग लिए। कुछ समय बाद उसने एक्टिवा खरीदने का मन बनाया और पैसे देने से पहले गंभीरता से जांच की। पाया कि वो व्यक्ति भी ठग था और उसने भी आर्मी की वर्दी डालकर फोटो पोस्ट कर रखी थी।
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दो प्रेमिका से खाया धोखा तो उनके पति से रखने लगा रंजिश
विशाल ने बताया कि उसकी दो प्रेमिका थी और उनके शादी न हो पाने का उसे दुख था। इसीलिए उनसे जुड़े दो व्यक्तियों से भी वह रंजिश रखने लगा था। उन्हीं को सबक सिखाने के लिए उसने सभी के नाम, मोबाइल नंबर, पत्र में लिखकर पोस्ट कर दिए। इनमें एक लड़की उसकी क्लास में पढ़ने वाली थी। उसे पता चला कि वह लड़की किसी दूसरे लड़के के साथ ही। विशाल ने उस लड़की पर दबाव बनवाकर दोनों की दोस्ती तुड़वा दी। लड़की ने विशाल को बताया था कि उक्त लड़के ने तो उससे 25 हजार रुपये उधार ले रखे हैं। विशाल ने लड़की से उसका नंबर लेकर उसे धमका और पैसे वापस दिलवाकर समझौता करवाया। इसके बाद वह आरोपी से रंजिश रखने लगा था। इसी तरह उसकी एक और प्रेमिका की थी। लेकिन परिजनों ने उसकी कहीं ओर शादी करवा दी थी। खफा होकर वह उसके पति से रंजिश रखने लगा था।
इंटरनेट से जुटाई थी जानकारी
आरोपी विशाल कुमार ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि पत्र को कहां भेजना है इसके लिए इंटरनेट का सहारा लिया। सीआरपीएफ, बीएसएफ, एयरफोर्स, आइटीबीपी के हेडक्वार्टर बारे जानकारी जुटाई। पत्र लिखने से पहले उसने गांव कांवला से मूल पत्र की फोटो स्टेट करवाई और पत्र में निर्धारित तिथि पर बम धमका करने की आतंकी साजिश हो रही है यह बात लिखते हुए पोस्ट कर दिया।
फोटोस्टेट वाले से भी होगी पूछताछ
विशाल ने बताया कि पकड़े जाने के डर से उसने मूल पत्र को फाड़ने व जलाने के बाद अंबाला शहर स्थित जंडली के पास ही एक खाली प्लाट में फेंक दिया था। एसएचओ अंबाला कैंट विजय के अनुसार गांव कांवला में जहां से आरोपी ने फोटोस्टेट करवाई थी वहां जाकर भी तफ्तीश की जाएगी।
यह था पूरा मामला
22 अगस्त को एयरफोर्स के अधिकारियों को एक पत्र मिला था। जिसमें अंबाला, दिल्ली, पंजाब और अयोध्या को बम से उड़ाने की साजिश रची जा रही है कि जानकारी दी गई थी। पत्र में लिखने वाले ने अपना नाम जासूस मोनिका लिखा था। इस पत्र पर अंबाला के डाकघर की मुहर लगी हुई थी। छह लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दिए गए थे, जबकि इसमें कुछ आर्मी अफसर भी बताए गए हैं। यह भी दावा किया कि बम विस्फोटों के लिए पाकिस्तान से 25 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जालंधर के राजेश वैश, बिलासपुर के शुभम सहित बबलू कुमार, जय, प्रवीण और मनीष जाट का नाम पत्र में लिखकर आतंकी गतिविधियों में इनकी संलिप्तता बताई गई थी।
आरोपी विशाल 12वीं तक पढ़ा है। वह किसी भी आपराधिक गतिविधियों में पहले शामिल नहीं है। प्राथमिक पूछताछ में उसने बताया कि पत्र में 6 लोगों के रंजिशन नाम लिखे थे।
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रामकुमार, डीएसपी, अंबाला
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