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300 करोड़ घोटाला प्रकरण: एफआईआर में खेल केस दर्ज पर 120बी लगाना भूली अंबाला पुलिस

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अंबाला सिटी। जग्गी सिटी सेंटर की जमीन को लेकर शुरू हुए विवाद ने नया स्वरूप ले लिया है। अंबाला शहर के यशपाल सिंह और उनके भाई अनूप राणा की शिकायत पर पुलिस ने बंटी कौशल पर जान से मारने की धमकी देने का केस तो दर्ज कर लिया लेकिन इस मामले में पुलिस एफआईआर में खेल कर गई।
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शिकायतकर्ता के आरोप हैं कि इसमें 120बी पुलिस ने नहीं लगाई। लेकिन नियमानुसार इसमें 120बी लगनी चाहिए थी। क्योंकि साजिश के तहत उसे सर्वजोत सिंह जग्गी ने गैंगस्टर से मरवाने की धमकी दिलवाई है। इसके अलावा आईटी एक्ट की धाराएं भी पुलिस ने इस मामले में नहीं लगाई। इस तरह पुलिस ने केवल अपनी साख बचाने के लिए एफआईआर के नाम पर खानापूर्ति की है। बता दें कि गैंगस्टर बंटी कौशल जिले के नामी गैंगस्टर की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था और इन दिनों पैरोल पर चल रहा है। कुल छह लोगों पर आरोप लगाए गए हैं इनमें अंबाला के पूर्व डीसी भी शामिल हैं।
17 दुकानों की नहीं सीएलयू
शिकायतकर्ता अनूप सिंह राणा ने आरोप लगाए हैं कि 2 जुलाई को नगर निगम से मिली आरटीआई में अधिकारियों ने साफ किया है कि जग्गी सिटी सेंटर में निर्मित 17 दुकानों की सीएलयू नहीं है न ही इन दुकानों का कोई नक्शा पास किया गया। इतना ही नहीं इन दुकानों का कोई ट्रेड लाइसेंस भी नहीं है। इस तरह 100 दुकानों को इसी तरह से अधिकारियों के साथ सांठ-गांठ कर अवैध तरीके से बनाने के आरोप शिकायतकर्ता ने एसपी, डीसी और सीएम विंडो को डाली शिकायत में लगाए हैं। पूरे मामले में 300 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाने पर अनूप सिंह और उसके परिवार वालों को मारने की धमकी देने की शिकायत अनूप सिंह ने एसपी को दी थी। इसी के तहत केस दर्ज किया गया।
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यह जमीन हमने आज की नहीं खरीदी बल्कि 1988 में खरीदी थी। चार बार इस मामले की जांच हो चुकी है। अब शिकायत यह लोग क्यों दे रहे हैं और इनके मन में क्या चल रहा है इस बारे में क्या बताया जा सकता है। लेकिन सभी आरोप बेबुनियाद लगाए जा रहे हैं।
-सर्वजोत सिंह जग्गी।
मामले में अभी 506 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा बंटी कौशल और सर्वजीत सिंह को शामिल जांच किया जाएगा। काल की मिलान के अलावा सबूत जुटाए जाएंगे। यदि आरोप सही पाए गए और सर्वजोत सिंह का नाम कहीं भी पाया जाता है तो मामले में 120बी शामिल की जाएगी और उसे आरोपी बनाया जाएगा।
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-सतनारायण, इंस्पेक्टर बलदेव नगर।
यदि पुलिस ने 506 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया है तो निश्चित तौर पर 120बी भी लगानी चाहिए थी। इसके अलावा आईटी एक्ट की धाराएं 66 व 67 भी लगनी चाहिए थी।
-तरुण कालड़ा एडवोकेट।
पुलिस ने 120बी की धारा आरोपी सर्वजोत सिंह को बचाने के लिए नहीं लगाई। जबकि मैंने शिकायत में साफ उनका नाम लिखा है। इस मामले की शिकायत की जाएगी।
-अनूप सिंह, शिकायतकर्ता।
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