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बीडीपीओ की मौजूदगी में 51 एकड़ पंचायती जमीन की बोली को लेकर हुई खूनी झड़प, पांच लोग गंभीर

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crime - फोटो : Ambala
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बराड़ा। राउमाजरा गांव में हाईकोर्ट के आदेश पर कब्जा मुक्त करवाई गई 51 एकड़ जमीन की बोली को लेकर दो पक्षों में खूनी झड़प हो गई। यह सब पुलिस और बीडीपीओ की मौजूदगी में हुआ। इसमें जमकर लाठी, डंडे व तेजधार हथियार चले। झड़प में 5 लोग घायल हो गए। तनाव बढ़ता देखकर बीडीपीओ बिना बोली करवाए ही मौके से निकल लिए। घायलों को सीएचसी में दाखिल करवाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एमएम मेडिकल कॉलेज मुलाना में रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी वीरेन्द्र सिंह दलबल सहित मौके पर पहुंचे और हालात पर काबू पाया।
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दरअसल गांव राउमाजरा में शामलात देह की जमीन पर गांव के कुछ लोगों का अवैध कब्जा था। करीब आठ साल पहले गांव के भूपेन्द्र शर्मा ने 51 एकड़ जमीन पर पंचायत के कब्जे को लेकर याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि गांव के ही कुछ लोगों ने इस जमीन पर अवैध कब्जा जमाया हुआ है। तब तत्कालीन एसडीएम भारतभूषण कौशिक ने भूपिंद्र के दावे को सही करार देते हुए जमीन से कब्जा हटाने के आदेश दिए थे। हालांकि इस फैसले के खिलाफ दूसरे लोग हाईकोर्ट चले गए थे। वहां भी उन्हें राहत नहीं मिल पाई थी। 18 जुलाई को कोर्ट के आदेश पर जमीन को कब्जा मुक्त कर दिया था। उस समय मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार सुखदेव सिंह, बीडीपीओ आरके चानना, एसडीओ पंचायती राजबीर राठी, जेई गुरविन्द्र सिंह, ललित कुमार, सचिव अनुज, थाना प्रभारी वीरेन्द्र सिंह भी मौके पर मौजूद थे। इस जमीन के चारों ओर पिल्लर लगा कर पंचायत को सौंप दिया गया था।
बोली से पहले ही हो गई खूनी झड़प
इस जमीन की 30 जुलाई को बोली थी। जब दोनों पक्ष मौके पर पहुंचे तो बोली कि प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही मारपीट शुरू हो गई। इसके चलते स्कूल में बोली देने वालों में अफरा तफरी मच गई। झड़प में याचिका दायर करने वाले भूपेन्द्र शर्मा व राजेश जबकि दूसरे पक्ष के रणबीर सिंह, जसविन्द्र सिंह व धर्मेंद्र को चोटें आई। दोनों पक्षों के इस खूनी संघर्ष को देख कर पंचायत अधिकारी मौके से चले गए। पुलिस ने घायलों के ब्यान पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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सीएचसी की एंबुलेंस खराब
सीएचसी में एंबुलेंस न होने के कारण घायलों को आधा घंटा देरी से उपचार के लिए भेजा गया। बाद में एमएम मेडिकल कालेज मुलाना की एंबुलेंस आई ओर मरीजों को अस्पताल ले गई। बताया जा रहा है कि सीएचसी की दो एंबुलेंस काफी समय से खराब पड़ी हैं। अभी तक इन्हें ठीक नहीं करवाया गया है। स्वास्थ्य अधिकारी इनकी सुध नहीं ले रहे हैं जिसकी वजह से मरीजों को भी परेशानी हो रही है।
दो पक्षों में विवाद की सूचना मिली थी। सीएचसी पहुंच घायलों से बात की गई है। डॉक्टरों को सही व उचित उपचार के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच की जाएगी और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा।
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-रजनीश कुमार, डीएसपी, बराड़ा।

crime- फोटो : Ambala

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