अंबाला। चार महीने पहले एक महिला बेसहारा बताकर अपनी बुजुर्ग सास को चुपचाप अपना घर (वृद्धाआश्रम) में छोड़ गई थी। बुजुर्ग की आंखों से रोज बहते आंसुओं ने महिला की पोल खुल गई। अपना घर के प्रबंधन को बुजुर्ग से ज्यादती होने का शक हो गया। तब मामले की जांच करवाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए पुलिस की मदद ली गई तो पूरी कहानी सामने आ गई। नेपाल में बुजुर्ग के परिवार को खोज लिया गया। अब उन्हीं रिश्तेदारों ने समय-समय पर बुजुर्ग को आश्रम में मिलने आने का वादा किया और बकायदा इसके लिए शपथपत्र तक दिए ताकि बुजुर्ग को बेसहारा न समझा जाए और उसका अंतिम संस्कार करने का हक उन्हें मिल सके।
बहू ने ने बेसहारा है बुजुर्ग, फिर छोड़कर खिसक गई
मामला चार महीने पहले का है। तब कैंट के हाथीखाना मंदिर के पास बने अपना घर में 75 साल की एक बुजुर्ग को छोड़ने के लिए चंबा (हिमाचल प्रदेश) से एक महिला आई थी। महिला ने बताया था कि इस बुजुर्ग का कोई नहीं है। यह बेसहारा है। तब उसके साथ एक स्थानीय सोशल वर्कर भी था। तय शर्तें पूरी करने के बाद अपना घर के प्रबंधकों ने बुजुर्ग महिला को आश्रय दे दिया था। बुजुर्ग को छोड़ने के बाद महिला चुपचाप खिसक गई। पर बुजुर्ग महिला की आंखों से रोज बहते आंसुओं ने उसकी पोल खोल दी। बुर्जुग की कोई पहचान नहीं थी लेकिन शक के आधार पर प्रबंधन ने उसकी जांच शुरू करवाई। इसके लिए पुलिस की मदद ली गई। पुलिस चंबा में उन लोगों तक पहुंच गई जिन्होंने बुजुर्ग सास के बेसहारा होने के लिए शपथपत्र दिए थे। फिर उनकी निशानदेही पर पुलिस बुजुर्ग महिला के रिश्तेदार लोक बहादुर शाही व प्रेम बहादुर शाही तक पहुंच गए। इन लोगों ने ही बताया कि बुजुर्ग को अपना घर में बेसहारा बताकर छोड़ने वाली उसकी बहू दुर्गा थी। हालांकि सास को आश्रम में छोड़ने के बाद दुर्गा नेपाल चली गई है।
बेटे की हो गई थी मौत, इसलिए बहू ने बताया बेसहारा
अपना घर के प्रबंधन को जांच के दौरान मालूम हुआ कि बुजुर्ग महिला के बेटे की एक साल पहले मौत हो चुकी है। इसी वजह से उसकी पुत्रवधू उसे बोझ मानने लगी थी। तभी दुर्गा ने सास को आश्रम भेजने की खास योजना बनाई थी। इसके लिए उसने कई लोगों की मदद ली। उम्र ज्यादा होने के कारण बुजुर्ग प्रबंधन को ज्यादा जानकारी नहीं दे पाई थी। इसी वजह से प्रबंधन ने पूरे मामले की जांच करवाने का निर्णय लिया था।
आश्रम में आने के बाद बुजुर्ग महिला लगातार रो रही थी। आमतौर पर ऐसा बेहद कम होता है। मुझे उसके मामले में शक हुआ जिसके बाद जांच करवाने का निर्णय लिया। कई लोगों ने इसमें हमारी मदद की। आखिर हम बुजुर्ग के गांव तक पहुंच गए। उसके दो रिश्तेदार तलाशे गए। इन्हें देखकर महिला बेहद खुश हुई। जांच में यह बात भी सामने आई कि पुत्रवधू ही चालाकी से उसे यहां छोड़ कर नेपाल चली गई है। मनोज सैनी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अंबाला