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आठ माह का बच्चा अगवा कर बिहार भाग रहे दंपती रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार

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crime - फोटो : Ambala
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अंबाला सिटी। नि:संतान को बेचने के लिए आठ माह के नवजात को एक दंपती ने अपहरण कर लिया। लेकिन नवजात को अगवा कर भागे दंपती को कैंट रेलवे स्टेशन से काबू कर लिया गया। पविता व उसका पति दिनेश कुमार बच्चों को बिहार ले जाने के लिए गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। तब सीआईए-टू उसे धर लिया। बुधवार अलसुबह की सीआईए-टू द्वारा चंद घंटों में सुलझाने से महकमे ने राहत की सास ली है।
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मूलरूप से बिहार के भागलपुर की वंदना का बेटा कृष्णा अगवा हुआ था। जोकि न्यू विवेक विहार में किराएदार है। आरोपी भी रंजीत नगर में किराए पर रहते हैं। कोतवाली थाने में दर्ज अपहरण के केस में आरोपियों को बुधवार कोर्ट से पुलिस रिमांड लिया जाएगा ताकि पता लगाया जा सके कि इससे पूर्व वह ऐसे किसी अन्य अपराध में शामिल तो नहीं रहे। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने किसी बेऔलाद दंपती को बेचने की नीयत से बच्चे को अगवा किया था। योजना के मुताबिक बिहार जाने के लिए पहले से टिकट बुक करा रखी थी।
यूं चला घटनाक्रम
सूचना मिलते ही डीएसपी सुलतान सिंह, कोतवाली थाना प्रभारी रामकुमार, सीआईए-वन, टू ने मौके का मुआयना किया। जांच में पाया गया कि किराए के कमरे का दरवाजा टूटा हुआ था। इसी का फायदा उठाकर बच्चे को अगवा किया गया। दंपती द्वारा पविता पर शक जताने के बाद टीमों ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों और ऑटो पर नजर रखनी शुरू कर दी। पूरा विश्वास था बच्चे को बिहार ले जाएंगे। सबसे अनुकूल रेलगाड़ी रहेगी। परिवार के साथ तलाश में जुटी पुलिस को आरोपी कैंट रेलवे स्टेशन पर मिले।
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यह है मामला
बिहार के भागलपुर की वंदना वर्तमान में शहर न्यू विवेक विहार में किराएदार है। दो साल पूर्व मिथुन से हुई शादी से उसके पास आठ माह का बेटा कृष्ण हुआ। बुधवार सुबह करीब तीन बजे कृष्ण को दूध पिलाने के बाद दंपती उसे अपने मध्य लिटाकर सोए थे। करीब आध घंटे बाद जब उठी तो कृष्ण गायब था। काफी तलाशने के बावजूद जब बच्चा नहीं मिला तब चौकी नंबर दो शिकायत दी गई। कोतवाली थाने में दर्ज अपहरण के केस में रंजीत नगर में रहने वाली पविता देवी पर आरोप लगाया जोकि दो दिन पहने कृष्णा को खिलाकर गई थी।
दंपती का कहना है कि उन्होंने किसी नि:संतान दंपती को बेचने के लिए बच्चा अगवा किया था ताकि पैसा कमा सकें। वंदना के बच्चे पर उनकी नजर थी। इसीलिए योजना बनाकर काम किया था। आरोपी कई बार बयान बदल रहे हैं, इसलिए सच्चाई जानने के लिए पुलिस रिमांड लिया जाएगा ताकि क्लीयर हो सके कि किसी की डिमांड पर ऐसा किया या फिर बेऔलाद परिवार की तलाश करनी थी।
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- संदीप कुमार, इंचार्ज सीआईए-टू।
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